जमशेद आलम, ब्यूरो चीफ, भोपाल (मप्र), NIT:

स्वास्थ्य संस्थाओं में मरीजों को दी जा रही सेवाओं की जांच के लिए सीएमएचओ भोपाल डॉ. प्रभाकर तिवारी द्वारा जिले की विभिन्न स्वास्थ्य संस्थाओं का औचक निरीक्षण किया गया। जिसमें चिकित्सकों एवं स्टाफ की निर्धारित समय पर उपस्थिति एवं सेवाओं की गुणवत्ता की समीक्षा की गई। निरीक्षण के दौरान विलंब से आने, कर्तव्य के प्रति उदासीनता और अनुशासनहीनता बरतने पर एक दिन की वेतन कटौती कर कारण बताओ नोटिस जारी किए गए।
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र कोलार में प्रशासकीय अनुशासनहीनता को देखते हुए संस्था में पदस्थ सभी कर्मचारियों का एक दिन का वेतन काटा गया है। साथ ही संस्था प्रभारी डॉ. रश्मि वर्मा को प्रशासकीय प्रबंधन में विफलता के लिए नोटिस दिया गया है। सीएमएचओ द्वारा ऐसी ही कार्यवाही प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र रातीबड़ में भी की गई है। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र गुनगा एवं फंदा में पूरा स्टाफ निर्धारित समय पर काम करता मिला।
निरीक्षण में संस्था के समय पर खुलने, स्टाफ की उपस्थिति, दवाइयां की उपलब्धता, नि:शुल्क पैथोलॉजी जांचें, रिकॉर्ड कीपिंग, आउटरीच गतिविधियों,योजनाओं के क्रियान्वयन, साफ सफाई की स्थिति देखी गई। जनकल्याण अभियान के तहत स्वास्थ्य विभाग से संबंधित सेवाओं की स्थति की जानकारी ली गई एवं मरीजों एवं परिजनों से बात कर फीडबैक भी लिया गया।
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी भोपाल डॉ. प्रभाकर तिवारी ने बताया कि स्वास्थ्य केंद्रों पदस्थ स्टाफ द्वारा कर्तव्यों में उदासीनता बरतने के कारण मरीजों को परेशानियों का सामना करना पड़ता है। इसके लिए स्वास्थ्य संस्थाओं का नियमित रूप से औचक निरीक्षण किया जा रहा है। निरीक्षण के लिए नोडल अधिकारियों के दल भी गठित किए गए हैं। भविष्य में भी निरीक्षण निरन्तर जारी रहेंगे।

