इस सत्र में शुरू से रहा है रिजल्ट पर फोकस, यदि खराब रिजल्ट आया तो टीचर्स और प्राचार्य दोनों पर होगी कार्यवाही | New India Times

मो. मुजम्मिल, जुन्नारदेव/छिंदवाड़ा (मप्र), NIT:

इस सत्र में शुरू से रहा है रिजल्ट पर फोकस, यदि खराब रिजल्ट आया तो टीचर्स और प्राचार्य दोनों पर होगी कार्यवाही | New India Times

कलेक्टर श्री शीलेन्द्र सिंह ने कहा कि शिक्षक बच्चों के भविष्य निर्माता होते हैं। आपकी नियुक्ति शासन ने जिस उद्देश्य से की है, उसी कर्त्तव्यपरायणता के साथ अपनी जवाबदारी समझते हुए जिले के शिक्षक और प्राचार्य अपने दायित्वों का निर्वहन करें। जिले में शिक्षा का सकारात्मक और बेहतर माहौल बनाना है। इसके लिए विभिन्न गतिविधियों के माध्यम से विद्यार्थियों को अध्यापन कराएं, जिससे उनके व्यक्तित्व का सर्वांगीण विकास हो सके। इसके लिए कलेक्टर ने केंद्रीय विद्यालयों के प्राचार्यों से भी सुझाव लिए। साथ ही सभी बीईओ और बीआरसी को अगली बैठक में विद्यार्थियों के व्यक्तित्व के सर्वांगीण विकास, परीक्षा परिणाम में सुधार और विद्यार्थियों के करियर निर्माण के लिए अपने सर्वश्रेष्ठ सुझाव प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। कलेक्टर श्री सिंह गुरुवार को कलेक्टर कार्यालय के सभाकक्ष में स्कूल शिक्षा विभाग, जिला शिक्षा केंद्र व जनजातीय कार्य विभाग के अंतर्गत संचालित सभी शैक्षणिक संस्थाओं और गतिविधियों की समीक्षा बैठक ले रहे थे। बैठक में जिला शिक्षा अधिकारी श्री जी.एस.बघेल, डीपीसी श्री जगदीश इड़पाचे, सहायक संचालक जनजातीय कार्य विभाग श्री उमेश सातनकर, केंद्रीय विद्यालयों के प्राचार्यों, जिले के सभी पी.एम.श्री स्कूलों के प्राचार्यों, सभी विकासखंड शिक्षा अधिकारी, एपीसी और बीआरसीसी एवं अन्य अधिकारीगण उपस्थित थे।

बेहतर परीक्षा परिणाम पर जोर: कलेक्टर श्री सिंह ने कहा कि इस सत्र की शुरुआत से ही परीक्षा परिणाम बेहतर करने पर जोर दिया गया है। प्रत्येक बैठक में भी इसकी गहन समीक्षा की गई है और सुधार के निर्देश दिए गए हैं। सभी प्राचार्यों और शिक्षकों की ज़िम्मेदारी है कि जिले का परीक्षा परिणाम बेहतर रहे। इतने प्रयासों के बावजूद भी यदि परीक्षा परिणाम खराब रहा तो शिक्षकों के साथ ही प्राचार्यों पर भी कार्यवाही की जाएगी। इसीलिए त्रैमासिक और अर्द्ध वार्षिक परीक्षा परिणाम के अनुसार अपना आंकलन कर लें और जहां कहीं कमी है उसे सुधार लें। उन्होंने 10 वी, 12 वी की त्रैमासिक और अर्द्ध वार्षिक दोनों परीक्षाओं में 50 प्रतिशत से कम परिणाम वाले स्कूलों के प्राचार्यों को नोटिस जारी करने के निर्देश जिला शिक्षा अधिकारी को दिए हैं। अर्द्ध वार्षिक परीक्षाओं का परिणाम 28 दिसम्बर 2024 को विमर्श पोर्टल पर अपलोड किया जाएगा।

विद्यार्थियों की अपार आईडी है महत्वपूर्ण, लापरवाही पर नोटिस: कलेक्टर श्री सिंह ने कहा कि विद्यार्थियों की अपार आईडी बनाना एक महत्वपूर्ण कार्य है। एक बार अपार आईडी बन जाने पर कक्षा 12 वीं तक विद्यार्थी के किसी तरह के डॉक्यूमेंट बार बार लेने की जरूरत नहीं पड़ेगी। इस कार्य को पूरी गंभीरता से कराएं। उन्होंने कक्षा 1 से 8 वी तक के विद्यार्थिंयों में अपार आईडी की कम प्रगति पर बी.आर.सी. छिंदवाड़ा और परासिया की वेतन वृद्धि रोकने के संबंध में कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिए। इसी तरह कक्षा 9वीं से 12वीं तक के विद्यार्थियों की अपार आईडी में कम प्रगति और पिछली बैठक के निर्देशों की अवहेलना पर बी.ई.ओ. जुन्नारदेव और अमरवाड़ा का वेतन रोकने के निर्देश दिए। साथ ही निर्देशित किया कि यदि प्राइवेट स्कूल अपार आईडी बनाने में सहयोग नहीं कर रहे हैं तो शासकीय निर्देशों की अवहेलना के तहत बी.ई.ओ. उन पर कार्यवाही करें।

सभी पीएम श्री स्कूल आवंटित बजट का जरूरी कार्यों में करें उपयोग: कलेक्टर श्री सिंह ने कहा कि शासन द्वारा जिले के चिन्हांकित स्कूलों का चयन पी.एम श्री स्कूल के लिए किया गया है। पीएम श्री स्कूलों के प्राचार्य अपना माइंड सेट सुधारें और इस अवसर का भरपूर लाभ उठाते हुए सक्रिय होकर अपने स्कूल के उन्नयन के लिए कार्य करें। शासन द्वारा विभिन्न कार्यों के लिए निर्धारित मद में राशि दी गई है। जरूरत की प्राथमिकता के आधार पर उस राशि का उपयोग सुनिश्चित करें। स्कूलों की स्मार्ट क्लास, टिंकरिंग लैब संचालित अवस्था में रहे। उन्होंने पी.एम. श्री स्कूलों के सभी प्राचार्यों को मुख्यालय पर ही रहने के निर्देश दिए।

बैठक में वार्षिक परीक्षा 2025 की तैयारी, एमपी टास प्रोफाइल सैंक्शन, साइकिल वितरण, विद्यार्थियों को छात्रवृत्ति वितरण, सी.डबल्यू.एस.एन. बच्चों का चिन्हांकन व भत्ता वितरण, विज्ञान प्रदर्शनी, एफ.एल.एन. मेला एवं मासिक गतिविधियों की समीक्षा, लंबित पेंशन प्रकरणों आदि की भी विस्तार से समीक्षा की गई और आवश्यक निर्देश दिए। कलेक्टर श्री सिंह ने फाउंडेशन लिटरेसी एंड नुमैरेसी (एफ.एल.एन.) के तहत टीचर गाइड और वर्क बुक का उपयोग करते हुए बच्चों को विभिन्न खेलों के माध्यम से अध्यापन कराने के निर्देश दिए।

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