बीपीएल राशन कार्ड के लिए चक्कर लगा रहे हैं लोग, सर्वे पर जाने का बहाना बनाकर वापस लौटा देते हैं एसडीएम साहब | New India Times

एम.एम. सिद्दीक़ी, भोपाल (मप्र), NIT:

बीपीएल राशन कार्ड के लिए चक्कर लगा रहे हैं लोग, सर्वे पर जाने का बहाना बनाकर वापस लौटा देते हैं एसडीएम साहब | New India Times

बीपीएल राशन कार्ड बनवाने के लिए लोग चक्कर लगा रहे हैं। लोग जब खिड़की पर पूछते हैं कहा जाता है कि सूची साहब के टेबल पर है। भोपाल शहर में लगभग 1500 आवेदन एसडीएम के टेबल पर पहुंचा दी गई है।

मिली जानकारी के अनुसार हितग्राही जब भी खिड़की पर पूछने जाते हैं कि साहब हमारा सर्वे के बाद क्या हुआ तो जवाब मिलता है एसडीएम की टेबल पर सूची रखी गई है, अधिकारी जब साइन करेंगे तब हम आपको प्रिंट देंगे। लोगों का कहना है कि किसी को आयुष्मान कार्ड बनाना है, आने वाले समय में बच्चों के एडमिशन कराना है और इलाज करने के लिए लोग लगातार परेशान हो रहे हैं। किसी को अनाज की भी आवश्यकता है ऐसे बहुत सारे लोग राशनकार्ड आफिस के चक्कर लगा रहे हैं। बताया जा रहा है कि वीआईपी नेताओं अधिकारियों के कहने पर राशन कार्ड जारी कर दिए जा रहे हैं। बाकी 1500 लोगों आना जाना लगा हुआ है और वह आज भी इंतजार में खिड़की पर खड़े रहे। इस मामले में एसडीएम दीपक पांडेय से चर्चा करने पर उन्होंने बताया कि मुझे आये मात्र डेढ़ माह हुआ है जो सामने आता है लगता है कि पात्र है तो मैं हस्ताक्षर कर देता हूं। कौन एसडीएम साहब स्वयं सर्वे कर के ही राशन कार्ड जारी कर रहे हैं। वह पहले देखते हैं कि व्यक्ति पत्र है या नहीं वैसे भी शहर में नए प्रभारी के आने के बाद पुराने सरवेयर हटा दिए गए और मूल विभाग पहुंचा दिए गए। अभी तक डूडा ने कोई भी सर्वेयर नहीं दिया है लोग तो परेशान करेंगे ही। कर्मचारी भी अधिकारी के सामने नतमस्तक और मजबूर हैं। अब सवाल यह है कि जब सर्व हो गए तो फिर बीपीएल राशन कार्ड की स्वीकृति प्रदान क्यों नहीं की जा रही है। सूत्रों के हवाले से खबर यह भी है कि यहां के राशन कार्ड अन्य एसडीएम द्वारा से जारी किए जा रहे हैं जिसकी जांच होनी चाहिए। लोग बरसों से इंतजार में हैं कि उन्हें उनका हक 5 किलो अनाज और शासन की योजनाओं का लाभ उन्हें भी मिले लेकिन ऐसा संभव नहीं नजर आता।

By nit

प्रातिक्रिया दे

आपका ईमेल पता प्रकाशित नहीं किया जाएगा. आवश्यक फ़ील्ड चिह्नित हैं *

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.

Exit mobile version