रहीम शेरानी हिन्दुस्तानी, ब्यूरो चीफ, झाबुआ (मप्र), NIT:

देश के महान साहित्य साधक डॉ रामशंकर चंचल जो तीस सालों से बाल दिवस पर अपनी बाल कविताओं की अद्भुत प्रदर्शनी लगा रहे थे इस बार बाल दिवस की पूर्व संध्या पर उन्होंने, नगर की, शारदा विद्या मन्दिर गोपाल कालोनी, वेदकला मन्दिर और प्राथमिक विद्यालय मोजीपांडा की स्कूलों को, बाल दिवस की पूर्व संध्या पर, अपनी रचित उपन्यास, कविताओं की अद्भुत कृतियों के साथ अनेक बाल साहित्य भेंट करते हुए उन्हें साहित्य से परिचय कराया।

साथ अपनी रोचक शिक्षा देती अनेक सार्थक कविताओं के पाठ के साथ बच्चों से बात चीत की, बच्चों ने डॉ चंचल को अपने मध्य पा कर अधिक हर्ष जताया।

