भाजपा नेताओं की ओर से किया जा रहा है "फंड्स के बदले सीट" निकालने का जुगाड, डेंजर जोन में सरकार के 10 मंत्री | New India Times

नरेन्द्र कुमार, ब्यूरो चीफ़, जलगांव (महाराष्ट्र), NIT:

भाजपा नेताओं की ओर से किया जा रहा है "फंड्स के बदले सीट" निकालने का जुगाड, डेंजर जोन में सरकार के 10 मंत्री | New India Times

2009-2014 पूर्व मंत्री सुरेश जैन ने विधानसभा के नेता विपक्ष एकनाथ खडसे को तोड़ीपानी नेता कहा था। जैन ने आरोप लगाया था कि सरकार के घोटालों ओर भ्रष्टाचार को संरक्षण देने के बदले में मुख्यमंत्री ने एकनाथ खडसे के निर्वाचन क्षेत्र को खटाखट विकास निधी दिया है। खडसे ने कहा कि अगर मेरे निर्वाचन क्षेत्र के विकास के लिए मुझे कोई कुछ भी कहे मैं सुनने को तैयार हूं। खडसे की बेबाक भूमिका आज की राजनीति में दुर्लभ है। नेताओं के राजनीतिक भविष्य का फैसला जनता अपना वोट दे कर करती है।

भाजपा नेताओं की ओर से किया जा रहा है "फंड्स के बदले सीट" निकालने का जुगाड, डेंजर जोन में सरकार के 10 मंत्री | New India Times

इसी फैसले को प्रभावित करने के और अपनी सीट बचाने के लिए सरकार में शामिल मंत्रियों की ओर से विपक्षी पार्टियों के प्रमुख नेताओं को सेटल करने के व्यावहारिक तरीके अमल में लाए जाते हैं। 2014 में कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष माणिकराव ठाकरे पर विधानसभा चुनाव में पार्टी के टिकट बेचने का आरोप लगा था। इस बार राष्ट्रीय राजनीत में इंडिया गठबंधन मज़बूत है तो महाराष्ट्र में सत्ता बचाने के लिए भाजपा ने सरकारी तिजोरी खोल दी है। टूट के बाद भी ताकत से उभरी NCP (SP) और शिवसेना (UBT) इन दोनों में कांग्रेस सबसे कमजोर कड़ी साबित हो रही है। भाजपा के मंत्रियों ने कांग्रेस के उन नेताओं के निर्वाचन क्षेत्रों को सबसे अधिक विकास निधी दिया है जो कांग्रेस के संगठन में प्रमुख पदों पर विराजमान हैं।

महागठबंधन में कांग्रेस उन सीटों पर लड़ने के लिए अड़ी है जहां वो अपने सहयोगी दलों की तुलना में काफ़ी कमजोर है इसका सीधा लाभ भाजपा को होगा। अंतरिम बजट में कौन से मंत्रियों ने कांग्रेस के कौन से विधायकों को विकास के लिए कितना फंड जारी किया है इसका ब्योरा सामने आने पर पिक्चर साफ सुथरा हो जाएगा। हमने अपनी एक स्टोरी में इस बात की ओर इशारा किया था कि MVA में कौन कहा ठहरा है। आगामी विधानसभा चुनाव में गिरीश महाजन , चंद्रकांत पाटील , अतुल सावे , रविंद्र चव्हाण , तनाजी सावंत , दादा भूसे , छगन भुजबल , शंभूराज देसाई , अजीत पवार , अनील पाटील , गुलाबराव पाटील समेत कुल 15 मंत्री डेंजर जोन में हैं। सेटलमेंट की अंदरूनी राजनीति भविष्य में MVA के भीतरघात का दूसरा अध्याय लिखने जा रही है। कांग्रेस आलाकमान इन बातों को कितनी गंभीरता से लेता है यह देखना दिलचस्प होगा।

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