फैज़ान खान, नई दिल्ली, NIT:

पिछले छह: वर्षों से एक मुकदमे का दंश झेल रहे भीम सेना प्रमुख नवाब सतपाल तंवर को बड़ी राहत मिली है। वर्ष 2018 के एक मामले में शुक्रवार को पंजाब एंड हरियाणा हाइकोर्ट चंडीगढ़ ने तंवर को बाइज्जत बरी कर दिया है। यह पहला मामला है जिसमें इन्हें राहत मिली है। बाकी मामलों में तंवर पर अभी भी तलवार लटक रही है। गुरुग्राम के महिला थाने में दर्ज हुए इस केस में लगातार कई मोड़ आए और हर बार तंवर कानूनी शिकंजे में फंसते हुए बाल-बाल बचे।
जिला एवं सत्र न्यायाधीश गुरुग्राम में चल रहे इस मामले में सतपाल तंवर का चीफ ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट वीरेन कादियान के साथ भी विवाद काफी सुर्खियों में रहा था। तंवर ने आरोप लगाया था कि जज वीरेन कादियान ने उन्हें जेल में डालने की धमकी दी है और सपना चौधरी को अपना भाई बताया है। उसके बाद से तंवर लगातार कोर्ट में मेडिकल से राहत पाते रहे थे। हाईकोर्ट को दी गई एक जांच रिपोर्ट में जज वीरेन कादियान ने भी भीम सेना के प्रमुख नवाब सतपाल तंवर पर अदालती कार्रवाई में व्यवधान डालने, धमकी देने, अदालत पर दवाब बनाने, शिकायतकर्ता को धमकाने और जबरन समझौते का दवाब डालने आदि के गंभीर आरोप लगाए थे।
लेकिन पंजाब एंड हरियाणा हाइकोर्ट के जस्टिस हरप्रीत सिंह बराड़ ने उनकी एक ना सुनी। मामले की नजाकत को समझते हुए तंवर ने अपनी पहली याचिका को वापिस ले लिया था और हाईकोर्ट के दिशा-निर्देश पर दोबारा याचिका दाखिल की गई। जिस पर सुनवाई करते हुए चंडीगढ़ हाईकोर्ट जस्टिस हरप्रीत सिंह बराड़ ने भीम सेना के संस्थापक एवं राष्ट्रीय अध्यक्ष को बाइज्जत बरी करने का आदेश सुनाया है।
तंवर ने इसे संविधान की जीत बताया है। उन्होंने एचएन साहू एडवोकेट, जितेंद्र कौशिक एडवोकेट, नरेश चौहान एडवोकेट, निशा तंवर एडवोकेट आदि अधिवक्ता टीम, भीम सेना के सभी कार्यकर्ताओं, अपने परिवार, अपने गांव की सभी जाति के लोगों, समस्त बहुजन समाज, हरियाणा पुलिस, गुरुग्राम पुलिस और गुरुग्राम पुलिस आयुक्त का धन्यवाद व्यक्त किया है। तंवर ने कहा है कि यह पहली जीत है हम सभी मुकदमों में ऐसे ही जीत का परचम लहराएंगे।

