वी.के. त्रिवेदी/अखिलेश वर्मा, लखीमपुर खीरी (यूपी), NIT:

प्रदूषण संरक्षण के लिए पौध रोपण की जोर शोर से चल रही मुहिम के महेशपुर वन रेंज इलाकों में लकड़ी माफिया हरियाली को मिटाने पर तुले हैं। रोकथाम में बढ़ती जा रही शिथिलता से धंधेबाज बिना परमिट के ही प्रतिबंधित आम व बडहर के हरे-भरे पेड़ काट रहे हैं। इसकी शिकायत के बावजूद वन विभाग से लेकर क्षेत्रीय पुलिस के ज़िम्मेदार कार्रवाई को लेकर पूरी तरह उदासीन बने हैं।
हैदराबाद थाना क्षेत्र में लकड़ी माफियाओं के लिए मुफीद साबित हो रहा है। ग्राम मझिगवा में लकड़ी माफिया हरियाली को मिटाने में जुटे हैं। लकड़ी माफियाओं ने स्थानीय पुलिस व वन कर्मियों की मिली भगत से आम व बडहर के हरे पेड़ों की कटान कर इसकी लकड़ी को जलौनी के नाम पर ईंट भट्ठों में खपा रहे हैं। ऐसा ही खेल हैदराबाद थाना क्षेत्र के ग्राम मझिगवा में भी चल रहा है। बुधवार को सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार हैदराबाद के लकड़ी ठेकेदार कमल, व गुडडू द्वारा ग्राम मझिगवा में बिना परमिट के तीन आम व एक बडहर के पेड़ काटे जाने का मामला सामने आया। इसकी शिकायत स्थानीय लोगों द्वारा महेशपुर वन रेंज के वन क्षेत्राधिकारी नरेश पाल सिंह से भी की गई। इसके बावजूद मौके पर न तो कोई वन कर्मी जांच करने पहुंचा और न ही क्षेत्रीय पुलिस ने इसे गंभीरता से लिया।
वही डायल 112 पुलिस मौके पर पहुंची भी तो वह मामले को रफा दफा करने में जुटी रही। स्थानीय पत्रकार द्वारा लकड़ी कटान को अपने कैमरे में कैद किया तो डायल 112 पुलिस फोटो खिंचने से मना करने लगी। वही डायल 112 पुलिस लकड़ी ठेकेदार से मामले को मैनेज करने में जुटे रहे। इस सम्बन्ध में वन क्षेत्राधिकारी नरेश पाल सिंह का कहना है कि मामले को देखवा कर लकड़ी ठेकेदारों पर कार्यवाही की जायेगी।
