मेहलक़ा इक़बाल अंसारी, ब्यूरो चीफ, बुरहानपुर (मप्र), NIT:

सैफिया हमीदिया यूनानी तिब्बिया कॉलेज बुरहानपुर और मदरसा फ़ारूकिया सुल्तान-उल-उलूम, मोमिन पुरा बुरहानपुर के पूर्व छात्र डॉ. क़ासिम सैफी मारहरवी का इलाज के दौरान सोमवार की सुबह यूपी के अलीगढ़ में इंतेकाल हो गया। मरहूम ने अपनी शिक्षा बुरहानपुर के प्रसिद्ध संस्थान सैफिया हमीदिया यूनानी तिब्बिया कॉलेज से पूरी की थी।
इसी के साथ उन्होंने यूपी के देवा शरीफ़ की अंतरराष्ट्रीय ख्याति प्राप्त अध्यात्मिक शख्शियत, बशीरी गुलशन के चश्मे चराग़, नबीरा शैखुल-कबीर पीरे तरीक़त हज़रत अल्लामा मौलाना अल-हाज सैयद मुहम्मद फ़ारूक़ मियां चिश्ती मिस्बाही क़िबला की निगरानी और सरपरस्ती में चलने वाले धार्मिक शिक्षा संस्थान मदरसा फ़ारूकिया सुल्तान-उल-उलूम से फ़र्ज़ ए उलूम कोर्स के प्रथम बैच के छात्र के रूप में इस धार्मिक कोर्स को उन्हों ने वर्ष 2017 में पूरा किया था।
उनका पैतृक वतन मारहरा शरीफ था, लेकिन बीयूएमएस पूरा करने के बाद उन्होंने दिल्ली को अपनी कर्म भूमि बना कर वहां अपने पेशे को आगे बढ़ाया और अच्छी विशेषज्ञता और निपुणता हासिल की। इसके साथ ही उन्होंने अपने एक युनानी उत्पाद केएसबी अर्थों आइल का पेटेंट भी करवाया था। वह बहुत ही विनम्र और मिलनसार व्यक्ति थे। बुरहानपुर में उनके चाहने वालों का एक बड़ा समूह मौजूद है। उनके निधन की खबर से सभी शोकाकुल थे।
इस अवसर पर उनके मातृत्व संस्थान मदरसा फ़ारूकिया सुल्तान-उल-उलूम में उनके ईसाले सवाब के लिए कुरआन ख्वानी आयोजित की गई। उनके उस्तादे मोहतरम मौलाना तारिक़ रज़वी (प्रिंसिपल, फारूकिया) ने विशेष रूप से उनके लिए दुआ की। मदरसा के अध्यक्ष पीरज़ादा सैयद मुस्तफ़ा अली सागर, उपाध्यक्ष मुश्ताक अहमद (मुन्ना भाई), सचिव मास्टर अमीन अंसारी और सभी सदस्यगण, साथ ही उनके दोस्तों में से प्रोफेसर हाशिम अंसारी और अक़रम फारूक़ी आदि ने शोक व्यक्त किया।
