गुलशन परूथी, ब्यूरो चीफ, दतिया (मप्र), NIT:

आयुर्विज्ञान में राष्ट्रीय परीक्षा बोर्ड (NBEMS) द्वारा राष्ट्रीय स्तर पर आयोजित सीपीआर जागरुकता कार्यक्रम की कार्यशाला का आयोजन शासकीय चिकित्सा महाविद्यालय दतिया में किया गया। यह आयोजन एनबीईएमएस द्वारा पूरे देश में एक साथ कार्डियक अरेस्ट से ग्रसित व्यक्तियों को बचाने हेतु राष्ट्रीय स्तर पर ऑनलाइन किया गया था जिसमें प्रतिभागियों को डमी पुतलों पर प्रैक्टिस भी कराई गई। इस कार्यशाला को डॉक्टर राजेश गुप्ता विभागाध्यक्ष शिशु रोग, डॉ भरत वर्मा विभाग अध्यक्ष निश्चेतना, डॉक्टर बृजेंद्र स्वरूप सर्जरी विभाग एवं डॉक्टर जितेंद्र कनौजिया मेडिसिन विभाग द्वारा उपस्थित होकर कार्डियक अरेस्ट के बारे में प्रतिभागियों को बताया गया।

इस दौरान वीडियो के द्वारा प्रतिभागियों को वास्तविक परिस्थितियों का अवलोकन कराया गया जिसमें आकस्मिक परिस्थितियों में व्यक्ति द्वारा सांस ना ले पाने एवं धड़कन बंद होने की स्थिति में किस प्रकार सीपीआर देकर जान बचाई जा सकती है। मेडिकल के जन सम्पर्क अधिकारी डा मुकेश शर्मा ने बताया कि इस प्रशिक्षण में चिकित्सा महाविद्यालय के फैकल्टी और छात्र छात्राएं उपस्थित रहे। इसका कार्यशाला के उपरांत एनबीईएमएस द्वारा ऑनलाइन सर्टिफिकेट जारी किए गए। अधिष्ठाता डॉक्टर दिनेश उदैनियाँ ने कार्यशाला के सफल आयोजन की बधाई दी है एवं उम्मीद जताई है कि प्रशिक्षण के उपरांत चिकित्सक सर्वसाधारण वर्ग को भी यह जानकारी देंगे ताकि आकस्मिक परिस्थितियों में किसी की भी जान बचाई जा सके।

