नीरज शर्मा, मिर्जापुर, लालगंज (यूपी), NIT:

मिर्जापुर जनपद के लालगंज ब्लॉक अंतर्गत ग्राम पंचायत रामपुर वासितदली में 79 अंत्योदय राशन कार्डों के सत्यापन का मामला अब तूल पकड़ता जा रहा है। ग्रामीणों ने राशन कार्डों के आवंटन और पात्रता को लेकर सवाल उठाते हुए ग्राम प्रधान एवं कोटेदार पर मनमानी के आरोप लगाए हैं। वहीं, संबंधित विभागों के अधिकारियों की कार्यशैली पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं।
ग्रामीणों का कहना है कि सरकार गरीब और जरूरतमंद परिवारों के हित में विभिन्न योजनाएं संचालित कर रही है, लेकिन ग्राम पंचायत रामपुर वासितदली में अंत्योदय राशन कार्डों के सत्यापन को लेकर बरती जा रही कथित लापरवाही से सरकारी योजनाओं की पारदर्शिता पर सवाल उठ रहे हैं। ग्रामीणों ने मांग की है कि सभी 79 अंत्योदय कार्डों के लाभार्थियों की अलग-अलग जांच कर पात्र एवं अपात्र लोगों की स्थिति स्पष्ट की जाए।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, ग्रामीणों ने 3 अगस्त 2026 को तहसील दिवस में शिकायत दर्ज कराते हुए 79 अंत्योदय राशन कार्डों के सत्यापन की मांग की थी। प्राप्त दस्तावेजों के मुताबिक, उसी दिन कार्यालय सहायक विकास अधिकारी (पंचायत), लालगंज, मिर्जापुर की ओर से ग्राम पंचायत रामपुर वासितदली के प्रधान एवं कोटेदार को अंत्योदय राशन कार्डों के आवंटन, अपात्र लाभार्थियों तथा मृतक लाभार्थियों के नाम सूची से हटाने के संबंध में पत्र जारी किया गया था।
लेकिन सवाल यह उठता है कि संबंधित अधिकारियों की ओर से पत्र जारी किए जाने के बावजूद अब तक सत्यापन प्रक्रिया पूरी क्यों नहीं हुई? ग्रामीणों का आरोप है कि तीन दिवसीय नोटिस जारी होने के बावजूद ग्राम प्रधान एवं कोटेदार की ओर से एक महीने तक कोई जवाब नहीं दिया गया। ऐसे में सरकारी आदेशों के अनुपालन और संबंधित विभागों की निगरानी व्यवस्था पर सवाल उठना स्वाभाविक है।
ग्रामीणों का आरोप है कि ग्राम पंचायत में अंत्योदय राशन कार्डों के आवंटन में अनियमितताएं बरती गई हैं और अपात्र लोगों को भी योजना का लाभ दिए जाने की आशंका है। यदि इन आरोपों में सच्चाई है तो यह जरूरतमंद गरीब परिवारों के अधिकारों के साथ अन्याय है। ग्रामीणों ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के विरुद्ध उचित कार्रवाई की मांग की है।
ग्राम पंचायत रामपुर वासितदली के प्रधान हाफिज अहमद को लेकर भी ग्रामीणों में तरह-तरह की चर्चाएं हैं। ग्रामीणों का कहना है कि जब संबंधित विभाग की ओर से सत्यापन के लिए पत्र जारी किया गया है तो अब तक कार्रवाई आगे क्यों नहीं बढ़ी? क्या उच्चाधिकारी इस मामले को गंभीरता से लेंगे या फिर मामला केवल कागजी कार्रवाई तक ही सीमित रह जाएगा?
ग्रामीणों ने जिला पंचायत राज अधिकारी, खंड विकास अधिकारी, खाद्य एवं रसद विभाग के जिला आपूर्ति अधिकारी तथा लालगंज तहसील के पूर्ति निरीक्षक से पूरे मामले में हस्तक्षेप करने की मांग की है। उनकी मांग है कि सभी 79 अंत्योदय राशन कार्डों का पारदर्शी तरीके से सत्यापन कराया जाए और प्रत्येक लाभार्थी की पात्रता की जांच की जाए।
अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्या जिला प्रशासन और संबंधित विभाग ग्रामीणों की शिकायत को गंभीरता से लेते हुए निष्पक्ष जांच कराएंगे? क्या सरकारी आदेशों का पालन नहीं करने वालों के विरुद्ध कार्रवाई होगी? या फिर 79 अंत्योदय राशन कार्डों का मामला भी अन्य शिकायतों की तरह फाइलों में दबकर रह जाएगा?
फिलहाल ग्रामीणों की निगाहें जिला प्रशासन और संबंधित विभागों की कार्रवाई पर टिकी हुई हैं। ग्रामीणों को उम्मीद है कि निष्पक्ष जांच के माध्यम से सच्चाई सामने आएगी और पात्र गरीब परिवारों को उनका हक मिल सकेगा।

