अतीश दीपंकर, ब्यूरो चीफ, पटना (बिहार), NIT:

खाद्य सुरक्षा को लेकर स्वास्थ्य विभाग की ओर से राज्यभर में सघन जांच अभियान चलाया जा रहा है। शुक्रवार को पटना सहित गया, मुजफ्फरपुर, सहरसा, पूर्णिया, मुंगेर, लखीसराय, औरंगाबाद और वैशाली में खाद्य प्रतिष्ठानों का निरीक्षण किया गया। इस दौरान खाद्य पदार्थों के नमूने लेने के साथ स्वच्छता, लाइसेंस, भंडारण व्यवस्था और कर्मचारियों की व्यक्तिगत स्वच्छता की भी जांच की गई।
पटना के फुलवारी शरीफ स्थित शिवा छप्पन भोग में निरीक्षण के दौरान साफ-सफाई में कमियां पाई गईं। कर्मचारियों के मेडिकल सर्टिफिकेट भी प्रस्तुत नहीं किए गए। विभाग ने कमियां दूर करने के लिए प्रतिष्ठान को 14 दिनों का समय दिया। यहां से पेड़ा, खोवा, रसगुल्ला, लड्डू और सोनपापड़ी के नमूने लिए गए।

मुजफ्फरपुर में Alok Enterprises और Shubham Enterprises के निरीक्षण के दौरान निर्धारित मानकों का अनुपालन नहीं पाया गया। दोनों प्रतिष्ठानों को साफ-सफाई, लाइसेंस प्रदर्शन, स्टॉक प्रबंधन, व्यक्तिगत स्वच्छता और रिकॉर्ड रखने की व्यवस्था में सुधार के निर्देश दिए गए।
पूर्णिया के बनमनखी में बिना वैध लाइसेंस संचालित दो दुकानों को सील कर दिया गया। इसके अलावा विभिन्न मिठाई दुकानों से पनीर, घी, खोवा और मिठाइयों के नमूने लिए गए। सहरसा के सोनवर्षा राज में मिठाई प्रतिष्ठानों से पनीर और खोवा के नमूने संग्रहित किए गए। मुंगेर क्षेत्र में आईटीसी डेयरी से दूध एवं दुग्ध उत्पादों के नमूने जांच के लिए भेजे गए।

गया के मेला क्षेत्र में खाद्य कारोबारियों को स्वच्छता और खाद्य सुरक्षा मानकों के प्रति जागरूक किया गया तथा तीन नमूने लिए गए। औरंगाबाद में एक और दो अक्टूबर को कुल 30 खाद्य नमूने संग्रहित किए गए। वैशाली में खाद्य प्रतिष्ठानों को एफएसएसएआई लाइसेंस प्रमुखता से प्रदर्शित करने, कर्मचारियों के मेडिकल रिकॉर्ड रखने और खाद्य सुरक्षा प्रशिक्षण कराने के निर्देश दिए गए।
विभाग ने स्पष्ट किया कि खाद्य सुरक्षा मानकों का उल्लंघन करने और बिना वैध लाइसेंस खाद्य कारोबार संचालित करने वालों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी।

