शहर की बदहाली पर नवक्रांति संगठन आक्रामक, मुख्याधिकारी को भेंट की दूरबीन | New India Times

मक़सूद अली, यवतमाल (महाराष्ट्र), NIT:

शहर की बदहाली पर नवक्रांति संगठन आक्रामक, मुख्याधिकारी को भेंट की दूरबीन | New India Times

शहर की बिगड़ती सफाई व्यवस्था, सड़कों पर बने गड्ढों, मोकाट मवेशियों, आवारा कुत्तों और जाम नालियों को लेकर नवक्रांति संगठन ने नगर परिषद प्रशासन के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। संगठन के संस्थापक अध्यक्ष अनिल हमदापुरे के नेतृत्व में मुख्याधिकारी को शहर की स्थिति देखने के लिए प्रतीकात्मक रूप से दूरबीन भेंट की गई।

संगठन का आरोप है कि शहर के कई इलाकों में कचरे के ढेर लगे हैं। सड़कों पर मोकाट मवेशियों और आवारा कुत्तों की समस्या बनी हुई है, जबकि जगह-जगह गड्ढों और जाम नालियों के कारण नागरिकों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। संगठन ने कहा कि हाल ही में सड़क के गड्ढे के कारण एक व्यक्ति की मौत की घटना भी सामने आई है। आवारा कुत्तों के काटने की घटनाओं में बुजुर्गों, बच्चों और स्कूली विद्यार्थियों के प्रभावित होने का दावा भी संगठन ने किया है।

इस्लामपुरा, वडगांव, आर्णी रोड, लोहारा बायपास और नेताजी नगर सहित शहर के विभिन्न हिस्सों में आवारा कुत्तों की समस्या होने का दावा संगठन ने किया है। वहीं, नगर परिषद द्वारा किए जा रहे सड़क निर्माण कार्यों की गुणवत्ता पर भी सवाल उठाते हुए संगठन ने कार्यों की जांच कर जिम्मेदारों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।

‘निविदा होती है, फिर सुविधाएं क्यों नहीं?’

नवक्रांति संगठन ने कहा कि वर्ष 2026 में नगर परिषद द्वारा घर-घर कचरा संकलन, सार्वजनिक स्थानों से कचरा उठाने, नालियों से गाद व कचरा निकालने तथा दैनिक सड़क और नाला सफाई के लिए निविदा प्रक्रिया अपनाई गई है। इसके बावजूद यदि नागरिकों को अपेक्षित स्वच्छता सुविधाएं नहीं मिल रही हैं तो “निधि आती कहां से है और खर्च कहां होता है?” इसका जवाब प्रशासन को देना चाहिए।

संगठन ने कचरा संकलन के लिए चलने वाली घंटागाड़ियों के खर्च, संबंधित ठेकेदारों के काम, कार्य की गुणवत्ता और भुगतान की जानकारी सार्वजनिक करने की मांग की है। साथ ही संबंधित कार्यों की निष्पक्ष जांच कराने की मांग भी की गई है।

दूरबीन भेंट कर जताया विरोध

शहर की बदहाली प्रशासन को दिखाई नहीं दे रही है, ऐसा आरोप लगाते हुए अनिल हमदापुरे ने मुख्याधिकारी को प्रतीकात्मक रूप से दूरबीन भेंट की। संगठन ने कहा कि “यदि सामान्य नजर से शहर के गड्ढे, कचरे के ढेर और मोकाट मवेशी दिखाई नहीं दे रहे हैं तो कम से कम दूरबीन से दिखाई दें।”

संगठन ने प्रशासन को आठ दिन की समय-सीमा देते हुए कहा कि इस अवधि में ठोस उपाय नहीं किए गए तो आंदोलन किया जाएगा। हमदापुरे ने चेतावनी दी कि मांगों पर कार्रवाई नहीं होने पर शहर का कचरा, मोकाट मवेशी और आवारा कुत्ते नगराध्यक्ष एवं मुख्याधिकारी के कक्ष में छोड़ने का आंदोलन किया जाएगा।

इस दौरान विनोद दोंदल, गाजी अली, सौरभ अनसिंगकर, सद्दाम खान, सहजाद शेख, मोहम्मद अदिब, शिवम नांदुरकर, अक्षय अगम, रेहान लाला सहित संगठन के अन्य कार्यकर्ता उपस्थित थे।

By nit

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