इमरान खान, भुसावल/जलगांव (महाराष्ट्र), NIT:

भुसावल शहर की राजनीति में बड़ा उलटफेर करने वाली एक महत्वपूर्ण घटना सामने आई है। भुसावल नगर परिषद की नगराध्यक्ष गायत्री चेतन भंगाळे का जाति प्रमाणपत्र अवैध घोषित कर दिया गया है। यह निर्णय जलगांव स्थित जाति सत्यापन समिति ने विस्तृत जांच के बाद सुनाया, जिसके बाद स्थानीय राजनीतिक गलियारों में हलचल तेज़ हो गई है।
बताया जा रहा है कि नगराध्यक्ष का पद अनुसूचित जाति (SC) वर्ग की महिला के लिए आरक्षित था। इसी आधार पर गायत्री भंगाळे ने राष्ट्रवादी कांग्रेस (शरद पवार गुट) के टिकट पर चुनाव लड़ते हुए भाजपा की प्रत्याशी रजनी सावकारे को पराजित किया था।
चुनाव के दौरान प्रस्तुत किया गया जाति प्रमाणपत्र भुसावल के प्रांत अधिकारी द्वारा जारी किया गया था। हालांकि नियमानुसार, चुनाव जीतने के छह माह के भीतर जाति वैधता प्रमाणपत्र जमा करना अनिवार्य होता है। प्रारंभ से ही विपक्ष द्वारा इस प्रमाणपत्र पर आपत्ति जताई जा रही थी, जिसके चलते मामला जाति सत्यापन समिति के समक्ष विचाराधीन था।
जलगांव की जाति सत्यापन समिति—अध्यक्ष नयना बोदर्डे एवं सदस्य एन. एस. रावते तथा एस. एस. महाजन—ने गहन परीक्षण के बाद यह निष्कर्ष निकाला कि भंगाळे का प्रमाणपत्र अनुसूचित जाति वर्ग के अंतर्गत वैध नहीं है और इसे निरस्त किया जाता है।
इस संबंध में जिलाधिकारी रोहन घुगे ने बताया कि गायत्री भंगाळे के पास इस निर्णय के खिलाफ उच्च स्तर पर अपील करने का विकल्प मौजूद है और वे न्यायालय में याचिका दायर कर सकती हैं।

