ओम प्रकाश सोनी, ब्यूरो चीफ, अनूपपुर (मप्र), NIT:

कोल इंडिया की सहायक कंपनी SECL की भूमि पर कथित अवैध कब्जे का मामला सामने आने के बाद क्षेत्र में माहौल गरमा गया है। केंद्रीय विद्यालय कॉलोनी के पास स्थित जमीन पर भारत माता स्कूल कोतमा के प्रिंसिपल नारायण सिंह द्वारा निर्माण कराए जाने के आरोपों ने स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश पैदा कर दिया है।
स्थानीय निवासियों का कहना है कि जिस भूमि पर निर्माण कार्य जारी है, वह पूरी तरह SECL के स्वामित्व में आती है और इस पर किसी भी प्रकार का निजी निर्माण बिना अनुमति के नियमों का खुला उल्लंघन है। लोगों का आरोप है कि बिना किसी वैध स्वीकृति के खुलेआम ईंट-गारा चढ़ाया जा रहा है, जिससे SECL प्रबंधन की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े हो रहे हैं।
क्षेत्रवासियों ने SECL पर दोहरे मापदंड अपनाने का भी आरोप लगाया है। उनका कहना है कि हाल ही में GM बंगला और भालूमाड़ा क्षेत्रों में गरीबों की झुग्गी-झोपड़ियों पर विभाग ने तेजी से कार्रवाई करते हुए बुलडोजर चलाया था, जबकि एक रसूखदार व्यक्ति द्वारा किए जा रहे कथित अवैध निर्माण पर अब तक कोई कार्रवाई नहीं की गई है।
इस मामले को लेकर स्थानीय लोगों में रोष बढ़ता जा रहा है। नागरिकों ने SECL प्रबंधन और जिला प्रशासन से तत्काल निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। साथ ही चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही अवैध निर्माण को हटाकर दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई नहीं की गई, तो वे आंदोलन करने को मजबूर होंगे।
फिलहाल, इस पूरे मामले में SECL प्रबंधन की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है, जिससे लोगों के बीच नाराजगी और भी बढ़ रही है।
बड़ा सवाल यह है कि क्या SECL प्रबंधन इस मामले में भी वही सख्ती दिखाएगा, जो उसने पहले अतिक्रमण हटाने में दिखाई थी, या फिर रसूख के आगे नियम कमजोर पड़ जाएंगे?

