एआईएमआईएम के 11 पदाधिकारियों ने दिए संयुक्त त्यागपत्र | New India Times

मेहलक़ा इक़बाल अंसारी, बुरहानपुर (मप्र), NIT:

एआईएमआईएम के 11 पदाधिकारियों ने दिए संयुक्त त्यागपत्र | New India Times

ऑल इंडिया मजलिस इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) के पूर्व संभागीय अध्यक्ष डॉक्टर फरीद क़ाज़ी के नेतृत्व में एम आई एम के पदाधिकारियों की उपस्तिथि में आहूत की गई प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए डॉक्टर फरीद क़ाज़ी ने बताया कि उन्होंने और उनके साथियों ने सन 2019 में अपने कौम की सेवा करने के लिए उन्होंने एम आई एम की प्राथमिक सदस्यता ग्रहण की थी। गत 3 वर्षों में पार्टी पूरी तरह निष्क्रिय रही और हम और हमारे साथी जिस भावना के साथ सेवा करना चाहते थे उसके अनुसार हम सेवा नहीं कर पाए। साथ पूर्व शहर अध्यक्ष डॉक्टर इमरान खान, पूर्व शहर अध्यक्ष अमान मोहम्मद गोटे वाला, पूर्व जिला सचिव शब्बीर बेग, पूर्व अध्यक्ष सैयद रईस, पूर्व संयुक्त सचिव मुमताज ठेकेदार, पूर्व सचिव नगर कमेटी नफीस खान, पूर्व सदस्यगण शहर कमेटी सर्वश्री आरिफ उल्लाह,शेख जलील, परवेज़ अशरफ, उप कोषाध्यक्ष शहर बुरहानपुर फरहान मशरूवाला ने पार्टी की प्राथमिक सदस्यता और पद से सामूहिक रूप से त्यागपत्र दे दिए हैं।

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पूर्व संभागीय अध्यक्ष डॉक्टर फरीद का जी ने बताया कि हमारे द्वारा 3000 नए सदस्य बनाए गए थे लेकिन पार्टी द्वारा कार्यकर्ताओं की अनदेखी की जा रही थी। उनके अनुसार पार्टी नेतृत्व में ना तो प्रदेश अध्यक्ष की नियुक्ति की गई और ना ही पार्टी को जमीनी स्तर पर पार्टी को जन जन तक पहुंचाने और फैलाने के लिए कोई कार्ययोजना नहीं बनाई गई। डॉक्टर फरीद क़ाज़ी के अनुसार केवल चंद शहरों में शहर कमेटियों का गठन कर कार्य करने को कहा जा रहा है लेकिन बिना प्रदेश अध्यक्ष के कार्य करना एवं संगठनात्मक कार्य करना संभव नहीं हो पा रहा है। कोई भी छोटे से छोटे कार्य के लिए राष्ट्रीय अध्यक्ष की अनुशंसा लेना आवश्यक होता है। जोकि हर वक्त संगठन की दृष्टि से सही नहीं है। पार्टी अपना संगठन उसी राज्य में मजबूत करती है जहां विपक्ष मजबूत हो और बीजेपी को मज़बुती मिल सके। खंडवा, रतलाम,भोपाल, खरगोन जैसे शहरों में पार्टी के सदस्यों पर झूठा मुकदमा कायम किया गया, लेकिन पार्टी नेतृत्व द्वारा या नेतृत्व के जिम्मेदार प्रदेश प्रभारियों द्वारा उन सदस्यों की कोई मदद नहीं की गई। जिन राष्ट्रीय पदाधिकारियों को बुरहानपुर का प्रभारी बनाया गया है, वह भी इस ओर ध्यान नहीं देते हैं। पत्रकार वार्ता में उन्होंने बताया कि अहमदाबाद में मुस्लिम युवकों को सामूहिक फांसी देने के एक मामले में भी राष्ट्रीय अध्यक्ष की ओर से कोई पहल नहीं की जाना बी शंकाओं को जन्म देता है। उत्तर प्रदेश चुनाव में एम आई एम की 100 सीट खड़े करना भी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष का निर्णय अनुचित एवं व्यावहारिक है, इस से भाजपा को लाभ मिलने के संकेत हैं। राजनैतिक परिप्रेक्ष्य में राष्ट्रीय अध्यक्ष पर सौदेबाजी करने के आरोप भी लगे हैं। इससे यह प्रतीत होता है कि पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष हमारी कौम का सौदा करके उनके भविष्य के साथ खिलवाड़ कर रहे हैं। उन्हो ने एक शेर भी राष्ट्रीय अध्यक्ष के प्रति समर्पित किया कि: सालारे कौम मसनदे शाही के साथ है। दिन का सफीर शब की सियाही के साथ है। क़ातिल को उस के जुर्म की क्यों कर मिले सज़ा मुनसिफ का जेहन झूठी गवाही के साथ है। तीन प्रश्न के अपने त्यागपत्र में पूर्व संभागीय अध्यक्ष ने एम आई एम के राष्ट्रीय अध्यक्ष पर गंभीर राजनीतिक आरोप लगाकर त्यागपत्र देते हुए बताया कि हम अपने साथियों से प्रश्न पर चर्चा करके अगली रणनीति बनाएंगे। राजनीतिक जानकारों के अनुसार कयास यह लगाए जा रहे है कि यह लोग आम आदमी पार्टी भी ज्वाइन कर सकते हैं या कांग्रेस में घर वापसी भी हो सकती है। ए आई एम आई एम पार्टी यह पार्टी शेरों की है बुजदिलो कि नहीं पूर्व जिलाध्यक्ष सैयद सलीम आलम ने बताया।

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एम आई एम के पुरानी ग्रुप ने भी अपनी प्रतिक्रिया देते हुए पार्टी छोड़ने का स्वागत किया। एम आई एम पार्टी बुरहानपुर के पूर्व जिला अध्यक्ष सैयद सलीम आलम ने भी अपनी प्रतिक्रिया प्रेषित करते हुए इस प्रतिनिधि को बताया कि पार्टी में कुछ बुजदिल किस्म के लोग हमारी ए आई एम आई एम पार्टी को बदनाम कर रहे हैं।जब कि हमने हमारी पार्टी में कभी उनको समझा ही नहीं जबके हम लोग ए आई एम आई एम पार्टी में 2011 से जुड़े हुए हैं। ए आई एम आई एम पार्टी के पूर्व जिलाध्यक्ष सैयद सलीम आलम ने बताया की पूर्व प्रदेश महासचिव एडवोकेट सोहेल हाशमी और नगर अध्यक्ष इमरान हुसैन विधानसभा प्रभारी साजिद अंसारी और सभी कार्यकर्ता इमानदारी से इस पार्टी में थे और मेहनत भी करते थे। कुछ लोग बता रहे हैं कि हम भी ए आई एम आई एम पार्टी में थे और आज हम इस पार्टी में इस्तीफा दे रहे हैं। बता रहे हैं कि बैरिस्टर असदुद्दीन ओवैसी को बहुत ही बड़ा झटका लगने वाला है। यह लोग फालतू की बातें कर रहे हैं, जबकि हमारी पार्टी में इन लोगों के आने से सभी पुराने कार्यकर्ता पार्टी से दूर चले गए थे। ए आई एम आई एम पार्टी के पूर्व जिलाअध्यक्ष सैयद सलीम आलम ने बताया एसे निकलने से हमारी पार्टी को कोई फर्क नहीं पड़ता है,क्योंकि ऐसे लोगों के आने से हमारी पार्टी के कार्यकर्ता बहुत नाराज हो गए थे। अब बहुत खुशी का माहौल है। कार्यकर्ताओं के अंदर हम अपनी पार्टी के लिए खुद अपने जेब से पैसा खर्चा करते हैं। इन लोगों की तरह नहीं की पार्टी में पैसा कमाने आते हैं। ए आई एम आई एम पार्टी अब बुरहानपुर में पूरी तरह मजबूत बनेगी और पहले भी मजबूत थी।

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