मो. मुजम्मिल, जुन्नारदेव/छिंदवाड़ा (मप्र), NIT:

ससुराल पक्ष की प्रताड़ना से क्षुब्ध विकलांग पत्नी द्वारा गुहार लगाने पर परामर्श केंद्र बुलाकर विकलांग पत्नी के विकलांग पति को कठोर शब्दों में चेतावनी तथा पत्नी के साथ सास ससुर व स्वयं पति द्वारा भूल सुधार के लिए समझाइश दी गई, परिणाम स्वरूप पति द्वारा भविष्य में पत्नी को सद्भाव पूर्वक रखने का वचन दिया गया. एक अन्य प्रकरण में पत्नी द्वारा यह आरोप लगाया गया कि उसका पति शराब पीकर मारपीट करता है तथा परिवार का पालन पोषण ठीक से नहीं करता है, उसे घर खर्च के लिए पैसे नहीं देता है. परामर्श केंद्र में पति को बुलवाकर समझाइश दी गई तथा पत्नी व बच्ची को सद्भाव पूर्वक रखने का वचन दिलाया गया, दोनों पति-पत्नी को एकांत में बात करने का अवसर प्रदान किया गया अंततः दोनों पति पत्नी सद्भावना पूर्वक साथ में रहने के लिए सहमत हो गए. इसके साथ ही एक अन्य प्रकरण में भी परिवार परामर्श केंद्र समझौता कराने में सफल हो सका, जबकि अन्य दो प्रकरणों में जिनमें समझौते की संभावना प्रतीत नहीं हुई पक्षकारों को न्यायालय की शरण में जाने की सलाह देकर प्रकरण नस्ती बद्ध किए.
अनुविभागीय अधिकारी पुलिस एस के सिंह के मार्गदर्शन में अधिवक्ता प्रदीप कुमार शर्मा आहुति शर्मा व रश्मि राय ने तेरह प्रकरणों की सुनवाई कर उक्त पांच प्रकरण निराकृत किए तथा शेष आठ प्रकरणों में समझौते की संभावना पाते हुए पक्षकारों को समझाइश देकर समझौते के लिए विचार विमर्श हेतु समय प्रदान किया इसी के साथ परिवार परामर्श केंद्र की साप्ताहिक बैठक संपन्न हुई।
