संक्रमण के दौर में ऑक्सीजन की महत्ता को समझते हुए कलेक्टर की पहल, जिले को मिली 10 हाईटेक ऑक्सीमेड मशीनें, बन पाएगी हर मिनट पांच लीटर मेडिकल ऑक्सीजन | New India Times

पंकज शर्मा, ब्यूरो चीफ, धार (मप्र), NIT:

संक्रमण के दौर में ऑक्सीजन की महत्ता को समझते हुए कलेक्टर की पहल, जिले को मिली 10 हाईटेक ऑक्सीमेड मशीनें, बन पाएगी हर मिनट पांच लीटर मेडिकल ऑक्सीजन | New India Times

धार जिले में पिछले 24 घंटों में कोरोना के करीब 71 नए मरीज मिले हैं। स्थिति को देखते हूए धार कलेक्टर आलोक कुमार सिंह द्वारा इलाज में उपयोग किये जाने वाले मेडिकल उपकरण बढ़ाने को लेकर तेजी से फैसले लिए जा रहे हैं। उन्होंने शनिवार रात सीएसआर से दस ऑक्सीजन कंसंट्रेटर बुलवाए। इन्हें रातो रात धार, कुक्षी और बदनावर के चिकित्सालयों में स्थापित भी करवा दिया गया है।
ऑक्सीजन कंसंट्रेटर से कोरोना के गंभीर मरीजों के इलाज के लिए जरुरी मेडिकल ऑक्सीजन (Medical Oxygen) अब सीधे हवा से ली जाएगी। कलेक्टर श्री सिंह कहते हैं कि लोगों के स्वास्थ्य के मामले में जिला प्रशासन द्वारा कोई कंप्रोमाइज नहीं किया जाएगा। उन्हें स्वस्थ करने के लिए जिला प्रशासन को जो-जो कदम उठाने पड़ेंगे, हम उठाएंगे। यह ऑक्सीजन कंसंट्रेटर सांसो की डोर थामे रखने में सहायक सिद्ध होगा। एक कंसंट्रेटर से हर मिनट पांच लीटर मेडिकल ऑक्सीजन बन पाएगी और दो मरीजो के लिए इस्तमाल हो सकेगी। उल्लेखनीय है कि जिले के वरिष्ठ डॉक्टर्स द्वारा उनके संज्ञान में समय समय पर चिकित्सालय की जरूरत लाई जाती है। अभी हाल ही में कलेक्टर द्वारा सीएसआर मद से बाईपेप मशीन मुहैया कराई गई।
पीथमपुर की सुपरनोवा सर्जिकल्स कंपनी ने 10 आक्सीजन कंसंट्रेटर ऑक्सीमेड मशीनें उपलब्ध करवाई हैं। इस अवसर पर सिविल सर्जन डॉ अनुसुईया गवली, डॉ सुधीर मोदी तथा सुपरनोवा सर्जिकल्स कंपनी से स्निग्धा चौहान उपस्थित थे। इनमें से 5 मशीनें जिला चिकित्सालय, 1 धरावरा कोविड केयर सेंटर तथा 2-2 मशीनें कुक्षी व बदनावर को सौंपी गई हैं। ऑक्सीजन सिलेंडर्स में बार बार रिफिल करना तथा लाना ले जाना पड़ता है, परंतु इसमे बार बार रिफिल करने की जरूरत नहीं पड़ती है। इसमे दो फिल्टर्स लगे होते है, यह वातावरण की तरह ही ऑक्सीजन बनाकर देती है तथा कार्बनडाइऑक्साइड बगैर छोड़े ऑक्सीजन बनाकर पेशेंट्स को देती है।

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