वी.के.त्रिवेदी, ब्यूरो चीफ, लखीमपुर-खीरी (मप्र), NIT:

भारतीय किसान यूनियन के द्वारा शनिवार के चक्का जाम को उत्तर प्रदेश में वापस लिये जाने के उपरान्त भी पुलिस ने सुरक्षा के द्रष्टिकोण के चलते गोला- शाहजहांपुर रोड सहित सिख अन्नदाता बाहुल्य क्षेत्र व किसानों के आन्दोलन का केन्द्र गोमती तिराहा व लखहा गुरूद्वारा पर भारी पुलिस बल प्रातः से ही तैनात कर रखा था जिसकी मानीटरिंग सीओ एवं कोतवाल स्वयं कर रहे थे।

दिल्ली में चल रहे किसान आन्दोलन की आग मोहम्मदी क्षेत्र में सुलग रही है। गांवो में इस आन्दोलन एवं केन्द्र के किसान कानून के विरोध की आग धधक रही है। दिल्ली में आन्दोलनरत किसान नेताओं के द्वारा 6 फरवरी को देश भर में किसानों से चक्का जाम का आह्वान किया था परन्तु उत्तर प्रदेश में कुछ परिक्षाओं को देखते हुए उत्तर प्रदेश को चक्का जाम से मुक्त कर दिया था। क्षेत्र के किसान नेताओं ने भी आयोजन को स्थगित कर दिया था फिर भी पुलिस एवं प्रशासन पूरी तरह चौकन्ना था। शनिवार प्रातः से ही सीओ अभय प्रताप व कोतवाल बृजेश कुमार त्रिपाठी ने स्वयं रेहरिया, लखहा से गोमती तिराहे तक भारी पुलिस बल के साथ मौजूद रहे। वहीं नगर के हर हाइवे के चौराहे एवं हाइवे पर पुलिस बल मौजूद रहा। शाम तक किसी प्रकार की कोई घटना, जाम, धरना प्रर्दशन न होने पर पुलिस बल वापस बुलाया गया और पुलिस प्रशासन ने राहत की सांस ली।
