अहमद रज़ा खान, चुनार/मिर्ज़ापुर (यूपी), NIT:

पिछले सप्ताह एक महिला पत्रकार के साथ कथित हमले के मामले में चौंकाने वाला मोड़ सामने आया है। राजगढ़ रोड किनारे घायल अवस्था में हाथ-पैर बंधे मिलने वाली महिला, सरिता देवी उर्फ सरिता पटेल, इस पूरे मामले की मुख्य साजिशकर्ता निकली।
पुलिस के अनुसार, प्रारंभिक तौर पर इस घटना को प्रशासन और पुलिस पर गंभीर आरोपों के साथ प्रचारित किया गया था लेकिन जब मामले की गहन जांच शुरू हुई, तो पूरी कहानी ही पलट गई।
जांच में सामने आया कि सरिता पटेल, जो खुद को यू-ट्यूबर और पत्रकार बताती है, कुछ आरोपियों के जेल जाने से चुनार पुलिस से नाराज थी। इसी नाराजगी के चलते उसने अपने सहयोगियों के साथ मिलकर एक कथित साजिश रची। योजना के तहत खुद को घायल दिखाकर पुलिस पर दबाव बनाने, झूठे मुकदमे में फंसाने और कथित रूप से धन उगाही का “स्क्रिप्टेड प्लान” तैयार किया गया।
पुलिस ने बताया कि इस साजिश के तहत ही सरिता को राजगढ़ रोड पर बांधकर फेंके जाने की कहानी रची गई थी, ताकि घटना को असली हमले का रूप दिया जा सके।
हालांकि, जांच के दौरान मिले साक्ष्यों और पूछताछ में पूरा मामला उजागर हो गया। इसके बाद पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मुख्य आरोपिता सहित सभी सह-अभियुक्तों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया।
इस सनसनीखेज खुलासे के बाद पूरे चुनार क्षेत्र समेत मिर्जापुर जिले में हड़कंप मच गया है। घटना ने न केवल लोगों को चौंकाया है, बल्कि झूठे आरोपों और साजिशों के गंभीर पहलुओं पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं।

