मो. मुजम्मिल, जुन्नारदेव/छिंदवाड़ा (मप्र), NIT:

मांगने से नहीं, बल्कि प्रदर्शन के बाद ग्रामीणों को उनका हक मिला। तामिया अंतर्गत दोरियाखेड़ा ग्राम पंचायत के ग्रामीण बुधवार को गुंडी-बर्तन लेकर जनपद पंचायत तामिया पहुंचे और पानी की गंभीर समस्या को लेकर जनपद पंचायत सीईओ मोनिका झारिया को अवगत कराया। ग्रामीणों ने बताया कि पिछले 6 महीनों से गांव में पेयजल संकट बना हुआ है।

मामले को गंभीरता से लेते हुए सीईओ मोनिका झारिया ने तत्काल पीएचई विभाग के अधिकारियों को फटकार लगाई। इसके अगले ही दिन गुरुवार को 6 महीने से बंद पड़ी नल-जल योजना को कुछ घंटों की मशक्कत के बाद शुरू कर दिया गया। पीएचई विभाग द्वारा दोरियाखेड़ा गांव में पानी की सप्लाई चालू कर दी गई, जिससे ग्रामीणों को बड़ी राहत मिली है।
नल-जल योजना शुरू कराने की पहले भी हुई थी शिकायत
कुछ महीने पहले गांव में नल-जल योजना का कार्य पूरा कर लिया गया था और घरों में नल भी लगा दिए गए थे, लेकिन बोरवेल से कनेक्शन नहीं जोड़ा गया था। ग्रामीणों ने योजना शुरू कराने के लिए ग्राम पंचायत के सरपंच और सचिव से कई बार शिकायत की, लेकिन इसके बावजूद योजना शुरू नहीं हो सकी। आखिरकार जनपद पंचायत सीईओ मोनिका झारिया की फटकार के बाद विभाग हरकत में आया और योजना चालू कर दी गई।
इनका कहना है
“नल-जल योजना चालू कर दी गई है। गुरुवार को योजना को बोरवेल से जोड़ दिया गया तथा दोपहर 3 बजे से घरों तक साफ पानी पहुंचाया गया।”

