अतीश दीपंकर ब्यूरो चीफ, पटना (बिहार), NIT:

राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकार के निर्देशानुसार बिहार राज्य विधिक सेवा प्राधिकार एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकार, भागलपुर के तत्वावधान में आज (13 दिसंबर, शनिवार) पूर्वाह्न 10:30 बजे से व्यवहार न्यायालय भागलपुर, नवगछिया और कहलगांव के परिसर में राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन किया गया।

व्यवहार न्यायालय भागलपुर में आयोजित राष्ट्रीय लोक अदालत का उद्घाटन जिला एवं सत्र न्यायाधीश धर्मेंद्र कुमार सिंह, जिलाधिकारी भागलपुर डॉ० नवल किशोर चौधरी एवं वरीय पुलिस अधीक्षक हृदय कांत ने दीप प्रज्वलन कर किया।

इस अवसर पर कार्यक्रम को संबोधित करते हुए जिला एवं सत्र न्यायाधीश ने कहा कि, राष्ट्रीय लोक अदालत में लगभग 23,000 मामले आए हैं, जिनमें से 17,000 मामले प्री-लिटिगेशन स्टेज वाले हैं तथा 7,000 मामले पोस्ट-लिटिगेशन स्टेज के हैं। उन्होंने बताया कि 1,700 मामले प्री-लिटिगेशन स्टेज वाले तथा 350 मामले पोस्ट-लिटिगेशन स्टेज वाले का डिस्पोजल (निपटारा) किया जा चुका है।
जिलाधिकारी ने इस अवसर पर संबोधित करते हुए कहा कि, कोर्ट केस के छोटे-छोटे मामलों का निष्पादन त्वरित ढंग से किया जाए तथा राजस्व से संबंधित मामले ग्राम कचहरी स्तर से दोनों पक्षों को समझा-बूझकर निपटाए जाएं, तो कोर्ट केस की संख्या में कमी आएगी। इससे हमारे न्यायाधीशगण गंभीर प्रकृति के मुख्य मामलों पर अधिक फोकस कर सकेंगे।
उल्लेखनीय है कि विभिन्न मुकदमा पूर्व एवं लंबित वाद यथा – शमनीय (कम्पाउंडेबल) आपराधिक वाद, एन.आई. एक्ट धारा 138 वाद, बैंक ऋण वसूली वाद, मोटर दुर्घटना दावा वाद, श्रम विवाद, विद्युत तथा पानी बिल संबंधी विवाद, वैवाहिक विवाद, भूमि अधिग्रहण वाद, सेवा संबंधी (वेतन, भत्ता एवं सेवानिवृत्ति लाभ), राजस्व मामले (जिला न्यायालय में लंबित) एवं अन्य दीवानी मामले यथा (किराया, सुखाधिकार, निषेधाज्ञा वाद, माप तौल वाद, संविदा के विनिर्दिष्ट पालन हेतु वाद), बी.एस.एन.एल इत्यादि से संबंधित वाद का निष्पादन राष्ट्रीय लोक अदालत में आपसी सुलह के आधार पर तत्काल किया जाता है।
इसके लिए जिला विधिक सेवा प्राधिकार, व्यवहार न्यायालय, भागलपुर के टोल फ्री हेल्पलाइन 15100 पर सम्पर्क किया जा सकता है। विशेष जानकारी के लिए फोन नंबर 0641-2401017 तथा राष्ट्रीय लोक अदालत /विधिक सहायता से संबंधित किसी प्रकार की सहायता या जानकारी हेतु bslsalokadalat@gmail.com पर भी सम्पर्क किया जा सकता है।
