मो. मुजम्मिल, जुन्नारदेव/छिंदवाड़ा (मप्र), NIT:

भ्रष्टाचार थमने का नाम नहीं ले रहा है। आए दिन पंचायतों में निर्माण कार्यों में अनियमितताओं के मामले उजागर हो रहे हैं। ऐसा ही एक मामला तामिया क्षेत्र से सामने आया है। जनपद पंचायत तामिया क्लस्टर के अंतर्गत ग्राम पंचायतों में मनरेगा योजना के निर्माण कार्यों में किस तरह भ्रष्टाचार किया जा रहा है, इसका ताजा उदाहरण ग्राम पंचायत भोड़ियापानी के ग्राम बखारी में मनरेगा से बनी पुलिया में देखने को मिला।
चौरा पठार मार्ग पर प्रधानमंत्री सड़क योजना के अंतर्गत पुलिया बनाई जानी थी, लेकिन पंचायत द्वारा भ्रष्टाचार करते हुए पुलिया के ऊपर फेसवाल बनाकर और एमपीआरडीसी द्वारा सड़क निर्माण के दौरान मिट्टी का भराव कर दिया गया। मिट्टी भराव के कारण पुलिया में किया गया भ्रष्टाचार पूरी तरह दब गया।
ग्रामीणों का आरोप है कि यह भ्रष्टाचार सुनियोजित तरीके से किया गया। पंचायत, उपयंत्री, सहायक यंत्री और मनरेगा कार्यक्रम अधिकारी को पहले से पता था कि यहां प्रधानमंत्री जनमन योजना से सड़क प्रस्तावित है। पंचायत की अनापत्ति मिलने के बाद ही सड़क स्वीकृत हुई थी, इसके बावजूद यहां पुलिया बनाकर घोटाला किया गया, जो जिम्मेदारों की नीयत पर सवाल खड़ा करता है।
पुलिया निर्माण में भारी तकनीकी लापरवाही भी सामने आई है। ग्रामीणों का कहना है कि निर्माण के दौरान किसी भी तकनीकी मानक का पालन नहीं किया गया। फाउंडेशन की खुदाई नाम मात्र की गई, फेसवाल की लंबाई भी मानकों से कम है, पाइप के नीचे बेस तक नहीं बनाया गया और अप्रन में बौल्डर खुले रूप में भरे हुए हैं।
ग्रामीणों का दावा है कि यदि तकनीकी जांच कराई जाए तो पुलिया में बड़ा भ्रष्टाचार सामने आएगा। 15 लाख की दिखायी गई पुलिया का वास्तविक मूल्यांकन 3 लाख रुपये से अधिक नहीं होगा। लेकिन सवाल यह है कि अब ऐसे में जांच किस तरह और किसके द्वारा की जाएगी।
