त्रिवेंद्र जाट, देवरी/सागर (मप्र), NIT:

मध्य प्रदेश सरकार द्वारा लगातार अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति के लोगों के विकास व उनके क्षेत्र के विकास के लिए लाखों करोड़ों की राशि खर्च कर विभिन्न प्रकार की योजनाएं लागू की जा रही हैं जिससे उनका विकास किया जा सके और शासन की योजनाओं से जोड़कर उनको समानता का दर्जा मिल सके जिससे उन वर्गों के साथ भेद-भाव ना किया जा सके। इसके लिए संविधान में एवं शासन व सरकार द्वारा कठोर कानून भी बनाए गए हैं जिससे दलित वर्गों की रक्षा की जा सके, उनको समानता के नजरिया से देखा जा सके मगर संविधान के कानून व शासन तथा सरकार के मुख्यमंत्री के आदेशों की खुलेआम धज्जियाँ उडाते हुए मध्यप्रदेश के सागर जिले के देवरी नगर पालिका के सीएमओ कृष्ण बहादुर बघेल नज़र आ रहे हैं। इनके द्वारा संविधान के कानून का सीधा उल्लंघन किया जा रहा है। सीएमओ महोदय को देवरी नगरपालिका के वार्ड क्रमांक 14 जो दलित वार्ड है उस वार्ड से इनको इसलिए दिक्कत है क्योंकि वह वार्ड दलित वर्ग बाहुल्य है। इनको दलित वर्ग से व्यक्तिगत बुराई है इसलिए ज्यादा भेद-भाव करते हुए उस वार्ड के विकास कार्य भी रोकने तक का काम खुलेआम कर रहे हैं, इनको अपने अधिकारियों का भी डर नहीं है।
मुख्यमंत्री एवं मानवाधिकार आयोग, अनुसूचित जाति आयोग नगरीय प्रसासन मंत्री व आयुक्त तक हो चुकी है शिकायत
सागर जिले की देवरी नगर पालिका के दलित वर्ग वार्ड पटेल वार्ड से भेद-भाव करने वाले सीएमओ कृष्ण बहादुर बघेल के खिलाफ पटेल वार्ड के दलित वर्ग से आने वाले वार्ड पार्षद त्रिवेंद्र जाट द्वारा सीएमओ द्वारा लगातार जातिगत भेद-भाव करने एवं वार्ड के विकास कार्य रोकने को लेकर मुख्यमंत्री मोहन यादव, उपमुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ला, उपमुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा, मानव अधिकार आयोग दिल्ली, अनुसूचित जाति आयोग दिल्ली, नगरी प्रशासन मंत्री कैलाश विजयवर्गीय, नगरी प्रशासन प्रमुख सचिव, अपर सचिव एवं आयुक्त के साथ सागर कमिश्नर, कलेक्टर, अपर कलेक्टर, जेडी नगरीय प्रशासन विभाग सागर एवं देवरी एसडीएम को लगातार चार माह से लिखित शिकायत कर रहे हैं उसके बाद भी समस्या का निराकरण नहीं किया गया। सभी वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा पटेल वार्ड की समस्याओं के निराकरण के लिए पत्र भी भेजे गए एवं सीएमओ को करीब 10 से 15 बार नोटिस भी जारी कर जवाब मांगा गया मगर बघेल सीएमओ द्वारा लगातार पटेल वार्ड के साथ भेद-भाव किया जा रहा है और वरिष्ठ अधिकारियों के आदेशों की खुलेआम अवहेलना की जा रही है।
पटेल वार्ड में कच्ची कीचड़ ग्रस्त रास्तों एवं दुर्गा पंडालों के यहां डस्ट डालने व वार्ड में स्ट्रीट लाइट लगाने पर सीएमओ ने लगाया प्रतिबंध
देवरी नगर पालिका सीएमओ कृष्ण बहादुर बघेल अपने भेद-भाव पूर्ण रवैया इस प्रकार दिखाते नज़र आ रहे हैं जैसे दलित वर्गों से इनको बहुत ही ज्यादा चिढ़ हो चुकी है। अपनी चिढ़ इतनी उजागर करते नज़र आ रहे हैं कि दलित वार्ड से जातिगत भेद-भाव करने में अपनी बड़ी रूचि दिखा रहे हैं।पटेल वार्ड में इनके द्वारा विकास कार्य व शासन की मुलभुत सुविधाओं को रोकने की मौखिक आदेश कर्मचारीयों को दिया गया फिर पटेल वार्ड में बरसात में सभी वार्ड में डस्ट मुरम डाली गईं सिर्फ पटेल वार्ड में नहीं डाली गईं। गणेश उसत्व में भी यही भेद-भाव किया गया और अब नवरात्रि में भी देवी पंडालों पर सिर्फ पटेल वार्ड को नजर अंदाज किया गया। इसी प्रकार से वार्ड में स्ट्रीट लाइट भी बंद पड़ी है वह भी 3 माह से नहीं लगाई गईं जबकी पटेल वार्ड पार्षद द्वारा डस्ट मुरम और स्ट्रीट लाइट के संबध में हर बार लिखित पत्र भी दिए गए उसके बाद भी वार्ड के साथ भेद-भाव किया गया।
करीब 4-5 बार जनसुनवाई मे भी दी गईं लिखित शिकायत फिर भी कोई निराकरण नहीं, जनसुनवाई भी बना दिखावा
पटेल वार्ड की विभिन्न समस्याओं को लेकर पार्षद द्वारा जनसुनवाई में करीब चार से पांच बार लिखित शिकायत भी दी गई साथ ही वार्ड के लोगों के साथ सैकड़ों बार ज्ञापन भी दिए गए मगर उसके बाद भी वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा पटेल वार्ड की विभिन्न समस्याओं के निराकरण मामले में कोई एक्शन नहीं लिया गया। जनसुनवाई में लगातार शिकायत पत्र देने के बाद वरिष्ठ अधिकारी के द्वारा नगरपालिका सीएमओ को पत्र भेजने पर उन पत्र को सीएमओ द्वारा खुलेआम नज़र अंदाज करने का सीधा कई बार काम किया गया मगर उच्च अधिकारी द्वारा कोई कार्यवाही नहीं कु गई ना ही समस्या हल कराई गई।
पटेल वार्ड में करीब 10 सड़कें, 15 नाली देश स्वतंत्र होने से से आज तक है कच्ची व कीचड़ ग्रस्त
पटेल वार्ड नगर के 15 वार्ड में सबसे बड़ा जनसंख्या वाला वार्ड है और इस वार्ड में सबसे ज्यादा दलित वर्ग के लोग निवास करते हैं व इस वार्ड में दलित वर्ग के पार्षद त्रिवेंद्र जाट हैं जिनके द्वारा बताया गया कि इस वार्ड में करीब 10 ऐसी सड़क एवं 15 ऐसी नाली है जो देश स्वतंत्र होने से लेकर आज दिनांक तक कच्ची व कीचड़ ग्रस्त है जहां पर वर्षों से डस्ट मुरम डालकर काम चलाया जा रहा है। इन सड़कों व नालियों का पक्का निर्माण करने के लिए पार्षद द्वारा लगातार 3 वर्ष से शासन से मांग की जा रही है मगर प्रसासन द्वारा कोई कदम नहीं उठाया गया है।
करीब 3 माह पटेल वार्ड के पुल की रेलिंग टूटी, पार्षद ने की कई बार शिकायत नहीं हुआ निराकरण, लोगों की जान से सीएमओ कर रहे हैं खिलवाड़

नगर पालिका देवरी के पटेल वार्ड मे झुंकू नदी पर बने मुख्य पुल की रेलिंग टूटे हुए करीब 3 माह बीत गया जिसके निराकरण के लिए कलेक्टर सागर से लेकर एसडीएम देवरी सीएमओ नगरपालिका को लिखित पत्र भी दिए गया मगर कोई निराकरण नहीं हुआ। आज भी लोग पुल पर से अपनी जान जोखिम में डाल कर निकल रहे हैं जबकी प्रसासन को यह जानकारी है की पुल की रेलिंग टूटी है फिर भी सुधार नहीं कराया जा रहा है। सीएमओ बघेल से कई बार कहा गया मगर उनके द्वारा साफ कहा गयाकि पटेल वार्ड का कोई भी काम नहीं किया जाएगा, जहां शिकायत करना है करते रहो।
देवरी नगरपालिका सीएमओ बघेल कर रहे खुलेआम वरिष्ठ अधिकारियों के आदेशों की अवहेलना, फिर भी वरिष्ठ अधिकारी बने मौन
देवरी नगरपालिका के पटेल वार्ड के साथ सीएमओ बघेल द्वारा जातिगत भेद-भाव लगातार किया ही जा रहा है दलित पार्षद के वार्ड की समस्या हल करने तो स्पष्ट मना ही कर दिया गया है मगर बात तो यह गजब हो गईं कि नगरी प्रशासन के प्रमुख सचिव, अपर सचिव, आयुक्त सागर कमिशनर कलेक्टर एवं देवरी एसडीएम के द्वारा जारी आदेश जिसमें पटेल वार्ड कि समस्या हल करके जबाब मांगा गया था जिस आदेश की भी खुलेआम नगर पालिका सीएमओ बघेल द्वारा धज्जियां उड़ाई गई और उन आदेशों को नज़रअंदाज करते हुए लगातार पटेल वार्ड के साथ भेद-भाव रवैया अपनाते आज भी नज़र आ रहे हैं। सीएमओ महोदय को वरिष्ट अधिकारियों के आदेश की अवहेलना करने के बाद भी कोई भी डर नहीं लग रहा है। वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा भी ऐसे लापरवाही करने वाले सीएमओ पर कार्रवाई क्यों नहीं की जा रही यह समझ नहीं आ रहा है। क्या सीएमओ को किसी बड़े नेता का संरक्षण है या किसी बड़े अधिकारी का संरक्षण है तभी तो वरिष्ठ अधिकारी भी कार्रवाई करने से डर रहे हैं।
दलित वर्गों से सीएमओ को है चिढ़
देवी नगरपालिका सीएमओ बघेल के व्यवहार से यह स्पष्ट हो रहा है कि इनके अंदर जातिवाद का पिटारा ठूस ठूस के भरा हुआ है। इनको दलित वर्गों से भारी नफ़रत नज़र आ रही है। लगातार तीन माह से दलित वर्ग वार्ड में सभी कामों को रोकने का काम सिर्फ इसलिए किया गया है क्यों कि वह वार्ड दलित बाहुल्य वार्ड व उस वार्ड के पार्षद दलित जाति के हैं इसलिए उनको पटेल वार्ड में काम करने में रुचि नहीं है।
2 वर्ष से स्वीकृत निर्माण कार्यों को रोकने का किया गया काम
पटेल वार्ड देवरी नगर में विकास कार्य को लेकर सबसे पिछड़ा हुआ एवं सबसे ज्यादा जनसंख्या वाला वार्ड है जिसमें दलित वर्ग सबसे ज्यादा आबाद है जिसका विकास देश के स्वतंत्र होने से लेकर आज तक नहीं हो पाया। कई ऐसी कच्ची सड़कें व नालियां हैं जहां पर आज तक सड़क ही नहीं बनाई गई। वार्ड का लेने एरिया एवं मले एरिया तो पूरा ग्रामीण क्षेत्र जैसा लगता है जहाँ सड़क नाली पानी लाइट साफ सफाई आदि शासन की योजना से वंचित है जबकि नगरीय क्षेत्र के अंतर्गत पटेल वार्ड में ही आते हैं। पटेल वार्ड में विगत 2 वर्ष पहले से शमशान घाट स्वीकृत है लेकिन ठेकेदार द्वारा निर्माण कार्य नहीं कराया जा रहा है। वहीं वार्ड में एक नाली और सड़क स्वीकृत है उसका भी सीएमओ द्वारा वर्क ऑडर नहीं दिया जा रहा जिससे निर्माण कार्य क़रीब 2 वर्ष से नहीं हो पा रहा है जिन कामों को लेकर भी सैकड़ों पत्र दिए गए मगर सीएमओ द्वारा नजर-अंदाज किया गया।
हरसिद्धि माता मंदिर परिसर में लगने वाली हाई मार्क्स लगाने पर भी सीएमओ बघेल ने लगाई थी आपत्ति, आज भी नहीं लगी
देवरी नगर के पटेल वार्ड में स्थित माता हरसिद्धि मंदिर जो नगर का प्राचीन एवं प्रसिद्ध मंदिर है जो नगर की आस्था का केंद्र है जिस मंदिर में प्रतिदिन सैकड़ों भक्तों का आवागमन रहता है। मंदिर परिसर के सामने पास बाईपास रोड तिराहा हाई मार्क्स लाईट की मांग लगातार 2 वर्ष से चली आ रही थी जिसको लेकर नपा अध्यक्ष द्वारा हाई मार्क्स लाइट मंदिर परिसर में लगने भेजी गई थी जिस लाइट को मंदिर परिसर में लगाने पर सीएमओ केव्हीएस बघेल ने आपत्ति जताकर मंदिर परिसर में लग रही लाइट को मौका स्थल से उठवा लिया था जिसमें सैकड़ों भक्तों द्वारा विरोध दर्ज किया गया था और कलेक्टर कमिश्नर के नाम सीएमओ के खिलाफ ज्ञापन भी दिए गए थे और जिले के वरिष्ट अधिकारियों द्वारा कोई कार्रवाई नहीं की गई ना ही मंदिर परिसर पर आजतक लाइट लगाई गई है। वर्तमान समय में नवरात्रि पर्व पर सैकड़ों भक्त अंधेरे में मंदिर जाते हैं इसके बाद भी प्रशासनिक अधिकारियों की नींद खुलने का नाम नहीं ले रही है। क्या सीएमओ बघेल जैसे लापरवाह अधिकारियों पर वरिष्ठ अधिकारी मेहरबान हैं या भाजपा सरकार के मुख्यमंत्री प्रभारी मंत्री इस ओर ध्यान देंगे।
इनका कहना है:-
मेरे द्वारा सीएमओ को पत्र भेजे गए हैं जिसमें कहा गया है कि पटेल वार्ड की समस्या शीघ्र हल की जाए यदि इसके बाद भी समस्या हल नहीं होती तो जिले के वरिष्ठ अधिकारी को सीएमओ के खिलाफ कार्यवाही के लिए पत्र लिखूंगा: मुनव्वर खान, एसडीएम देवरी।
देवरी नगरपालिका सीएमओ कृष्ण बहादुर बघेल द्वारा मुझे जातिगत तौर पर अपमानित करते हुए कहा गया था कि आपके पटेल वार्ड के कोई काम नहीं होंगे आप दलित वर्ग से आते हो आपका वार्ड भी दलित वर्ग बाहुल्य वार्ड है मैं ऐसे वार्डों में जाना तक पसंद नहीं करता हूँ और मेरी जहां शिकायत करना है करते रहो मैं किसी कि नहीं सुनता हूँ और न मेरा कोई कुछ कर सकता है। मेरे द्वारा सीएमओ के खिलाफ मुख्यमंत्री, मानव अधिकार आयोग, अनुसूचित जाति आयोग एवं नगरीय प्रसासन विभाग के अपर सचिव, प्रमुख सचिव, आयुक्त तक शिकायत की गई है मगर अभी तक कोई कार्रवाई नजर नहीं आई है, लगातार वार्ड के साथ भेदभाव किया जा रहा है: त्रिवेंद्र जाट, कांग्रेस पार्षद, पटेल वार्ड।

