हनीफ खान, ब्यूरो चीफ, मिर्जापुर (यूपी), NIT:

विकास खंड राजगढ़ के न्यू प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर शक्तेशगढ़ स्थित शनिवार को चैनल गेट में ताला लटकता देख जहां दर्जनों मरीज वापस हो गये वहीं क्षेत्रीय झोलाछाप डॉक्टरों की चांदी कटती दिखी।
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र राजगढ़ के अधिनस्त संचालित न्यू प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र शक्तेशगढ़ में शनिवार की सुबह से ही ताला बंद कर कर्मचारी आनंद उठाने में जुटे रहे। वहीं क्षेत्रीय दर्जनों मरीज सुबह से ही सरकारी अस्पताल पर पहुंचने लगे।जहां स्वास्थ्य विभाग की उदासीनता के चलते दर्जनों गांवों के मरीजों को झोलाछाप से इलाज कराने को विवश होना पड़ा है जहां बिना डिग्री धारक झोलाछाप डॉक्टर गरीबों से इलाज के नाम पर मोटी रकम की वसूली कर अपनी जेब भरने में जुटे है। शक्तेशगढ़ गांव निवासी संतोष कुमार ने बताया कि शनिवार की सुबह अपने 10 वर्षीय बीमार पुत्र आशीष को लेकर सरकारी अस्पताल पहुंचे जहां चैनल में पहले से लटक रहे ताले को देख बुखार से पीड़ित पुत्र को लेकर झोलाछाप के यहां इलाज करवाए। वहीं रामपुर शक्तेशगढ़, जौंगढ़, नूनौटी, तेंदुआ कला, बलुआ बजाउर, गोबर दहा, समुदवा, कुंबा खुर्द, कुंबा कला, बरगवा, भेड़ी, इंद्रकुश, बहेरा, बन ईमीलिया आदि दर्जनों गांवों के बीमार लोगों के लिए सरकारी अस्पताल के नाम पर बस एक यही सहारा है। अगर दूसरे सरकारी अस्पतालों में जाना हो तो लगभग 20 किलोमीटर की दूरी तय कर या तो राजगढ़ सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचे या फिर चुनार स्थित सरकारी अस्पताल पर। मौसम परिवर्तन होने के चलते वायरल बुखार, टाइफाइड, मलेरिया, सर्दी जुकाम, डायरिया के मरीजों में इजाफा हुआ है।
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र राजगढ़ के प्रभारी चिकित्सा अधिकारी पवन कुमार कश्यप ने बताया कि शक्तेशगढ़ स्थित न्यू प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर चिकित्सक, फार्मासिस्ट, लैब टेक्नीशियन की न्युक्ति हेतु मुख्य चिकित्सा अधिकारी को पत्र लिखा गया है। इस समय वार्ड ब्वाय भानु प्रसाद भारतीय और स्टॉप नर्स सोनी के मदद से अस्पताल को संचालित किया जा रहा है। वहीं वार्ड ब्वाय द्वारा सीएचसी राजगढ़ में नाइट ड्यूटी करने के कारण सुबह अस्पताल नहीं पहुंचा जबकि स्टॉप नर्स को अस्पताल खोलने के लिए कहा गया था परंतु लापरवाही के चलते वह अस्पताल नहीं खोली जिसके लिए जांच कर कार्रवाई की जाएगी।

