मोहम्मद सिराज, ब्यूरो चीफ, पांढुर्णा (मप्र), NIT:

15 अगस्त स्वतंत्रता दिवस की संध्या पर पांढुर्ना में शक्ति अभियान की महिलाओं के द्वारा “मेरी रातें मेरी सड़कें” कार्यक्रम आयोजित किया जिसमें महिलाओं के लिए आजादी के क्या मायने हैं?? आजादी के 78 वर्ष बाद भी वर्तमान में महिलाओं की सुरक्षा, स्वतंत्रता और समानता के सवाल किए गए इन मुद्दों के साथ महिला अधिकार के लिए सड़क पर पैदल मार्च निकाला। कार्यक्रम का आयोजन शक्ति अभियान की प्रदेश समन्वयक सुश्री गीता कड़वे जी द्वारा किया गया । इस दौरान गीता जी ने अपने संबोधन में कहा कि आज सुबह से पूरा देश आजादी के जश्न में डूबा है। कहीं परेड, कही झांकियां, कही आजादी की वीर गाथाएं, कहीं भाषण और इन सबके बीच कही एक निर्भया, वर्णिका, रागिनी जैसी तमाम लड़कियां घर से बाहर आजादी तलाशती हुए खतरों का सामना करते हुए भयानक ज़िन्दगी जीने को मजबूर है। देश में आधी आबादी इसी डर के साये में जी रही है, इसी डर के साथ वो स्कूल ,कॉलेज, कार्यस्थल और यहाँ तक की कई बार घर में भी रहती है।
आज हर 6 सेकंड में देश में एक रेप की घटना होती है. महिलाओं के प्रति हो रही हिंसा और भी कई रूपों में हो रही है। आंकड़ो में अगर इन सभी घटनाओं को शामिल किया जाए तो आप देश से पलायन की योजना कर लेंगें। इस तरह की घटनाये सिर्फ हमारे देश में नहीं हो रही यह मानते हुए सरकार, प्रशासन और समाज की जो जवाबदेही होनी चाहियें वो उसे तत्परता से निभाया जाए. यह दुःखद है कि केंद्रीय स्तर पर एक अभियान बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ जोर शोर से चल रहा है और एक तरफ महिलाओं के प्रति होती घटनाओं पर उन्हें ही रात में निकलने का दोषी मानते हुए एक लम्बी सलाह की लिस्ट और धमकी दे दी जाती है. जरा हम इन् घटनाओ की लिस्टिंग करें तो जान पाएंगे की ज्यादातर घटनाएं दिन के उजाले में हो रही है।
कार्यक्रम में जनपद अध्यक्ष लता तुमडाम जनपद सदस्य कीर्ति पठाडे पूर्व ब्लाक अध्यक्ष शारदा धुमाल पार्षद चंदा देशभ्रतार, प्रतिमा मेश्राम, गीता धोटे, पूर्णिमा गोंडे, सहित महिला संगठन की पदाधिकारी शहर के गणमान्य नागरिकजन उपस्थित रहे।
