नरेन्द्र कुमार, ब्यूरो चीफ, जलगांव (महाराष्ट्र), NIT:

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा लाल किले की प्राचीर से देश के छह लाख गांवों में साढ़े चार लाख Common Service Centre शुरू करने की घोषणा ने गरीबों का जीना हराम कर दिया है। पूरे महाराष्ट्र में आपले सरकार सेवा केंद्र जनता की जेब काट रहे हैं। लोगों को जानकारी नहीं होने के कारण यह केंद्र ग्राहकों से तीन गुना चार गुना पैसा ऐंठ रहे हैं। किसी भी केंद्र के बाहर सेवा दर सूची नहीं है। New India Time’s ने मामले में कुछ रिपोर्ट प्रकाशित करी। जामनेर से एक नेता ने शिकायती पत्राचार किया जो तहसीलदार ने दरकिनार कर दिया और मामला कलेक्टर के कान तक पहुंच ही नहीं सका। पत्रकार मित्र ने सूचना के अधिकार से सारी जानकारी निकाली जिसकी सच्चाई धरातल पर कुछ और ही है। आम जनता की जानकारी के लिए हम सेवा केंद्रों के रेट बोर्ड को इस ख़बर में सार्वजनिक कर रहे हैं। इस सूची में कुल तीस सेवाएं शामिल हैं जिनके लिए सरकारी रेट तय किया जा चुका है। आपले सरकार सेवा केंद्रों द्वारा नागरिकों को दी जाने वाली प्रत्येक सेवा के बदले सरकार केंद्र चालक को 10% कमीशन देती है। जनहित के चलते लोगों से अपील है कि वे इस रेट बोर्ड को ठीक से पढ़ें और उतना ही पैसा ऑनलाइन सेवा केंद्रों को दें और उनसे पक्की रसीद लें। सूचना अधिकार की जानकारी बताती है कि ग्रामीण इलाकों में मंजूर किए गए केंद्र धड़ल्ले से जामनेर में चलाए जा रहे हैं। अगली रिपोर्ट में इसकी सूची जारी करेंगे।
