राजधानी भोपाल में नेता सुभाष चंद्र बोस की मनाई गई जयंती | New India Times

अबरार अहमद खान/मुकीज खान, भोपाल (मप्र), NIT:

राजधानी भोपाल में नेता सुभाष चंद्र बोस की मनाई गई जयंती | New India Times

नेताजी सुभाष चंद्र बोस यादगार समिति भोपाल द्वारा शहर के पॉलिटेक्निक चौराहा स्थित हिंदी भवन में महान क्रांतिकारी व आजाद हिंद फौज के महानायक नेताजी सुभाष चंद्र बोस की 128 वीं जयंती के उपलक्ष्य पर संस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। साथ ही साथ नेताजी सुभाष चन्द्र बोस के फोटो व  विचारों पर आधारित एक प्रदर्शनी भी लगाई गई। जिसका उद्घाटन  समाजसेवी एवं गायक श्री रामबाबू शर्मा जी द्वारा किया गया। सभा की शुरुआत सांस्कृतिक कार्यक्रम से हुई।  जिसमें कई गीत व कविताएं प्रस्तुत की गई ।  कार्यक्रम के मुख्य वक्ता एवं नेताजी सुभाष चंद्र बोस आयोजन समिति मप्र के उपाध्यक्ष  लोकेश शर्मा ने कहा कि  नेताजी सुभाष चंद्र बोस ने कहा था कि केबल नेताजी के चित्र पर पुष्प अर्पित करके उन्हें श्रद्धांजलि नहीं दी जा सकती यदि सच्ची श्रद्धांजलि देना है तो नेताजी के विचारों को हमें अपनाना पड़ेगा उन्होने आगे कहा कि नेताजी सुभाष चंद्र बोस के संपूर्ण जीवन को ही यदि हम देखें तो हम पाते हैं कि ता उम्र अंग्रेजी शासन बा व्याप्त समस्या के खिलाफ लड़ाई लड़ते रहे हैं इसलिए आज के नौजवान पीढ़ी को नेताजी सुभाष चंद्र बोस के जीवन से सीख लेकर आगे बढ़ाने की जरूरत है।

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उन्होंने आगे कहा कि नेताजी कहा करते थे कि मैं बचपन मे अंग्रेजों को देश से भागना ही सबसे बड़ा फर्ज समझता था बाद में गंभीर चिंतन के बाद इस नतीजे पर पहुंचा कि अंग्रेजों को भगाने से ही मेरा फर्ज पूरा नहीं होगा भारत में एक नई सामाजिक व्यवस्था कायम करने के लिए एक और क्रांति करने की जरूरत है। साथ ही साथ में राष्ट्रीय शिक्षा के बारे में कहा था कि हमें यह ख्याल रखना होगा कि धर्म के नाम पर राष्ट्र के नाम पर या राजनीति के नाम पर किसी भी प्रकार की रूढ़िवादिता हमारे शिक्षा मंदिरों में प्रवेश न करने पाए। नेताजी सुभाष चंद्र बोस ने जब आजाद हिंद फौज का गठन किया तो उसने विभिन्न धर्म संप्रदाय को मानने वाले लोग शामिल हुए और उन्होंने हर तरह की सांप्रदायिकता रूढ़िवादिता के खिलाफ अपनी आजाद हिंद फौज सहित तमाम आजादी आंदोलन में संघर्ष किया है आज हमें नेताजी सुभाष चंद्र बोस सरीखे क्रांतिकारी से प्रेरणा लेकर आज के समय की समस्याओं को हल करने की जरूरत है। कार्यक्रम के अन्य वक्ता डॉ. मेहताब आलम जी ने बड़े ही भावुक अंदाज में ऐसी बाते बताई कि हॉल में उपस्थित सभी लोग भाव विभोर हुए बिना नहीं रह सके। कार्यक्रम के विशिष्ट अतिथि डॉ. सुधीर आजाद जिन्होने नेताजी सुभाष चंद्र बोस के जीवन पर शोध प्रबंध लिखा है।

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उन्होंने कहा कि  नेताजी सुभाष चंद्र बोस इस देश के अद्वितीय व्यक्तित्व के क्रांतिकारी थे उन्होंने इस देश की आजादी की लड़ाई को देश ही नही देश से बाहर जाकर भी मदद लेकर जारी रखा। आज नेताजी सुभाष चंद्र बोस एवं सभी क्रांतिकारियों को याद करने की जरूरत है। ताकि  छात्रों,नौजवान  के सामने नेताजी सुभाष चंद्र बोस ,भगत सिंह, अशफाक उल्ला खान, रामप्रसाद बिस्मिल  जैसे महान क्रांतिकारियों को जीवन में आदर्श के तौर पर स्थापित किया जा सके । कार्यक्रम के संयोजक एवं नेताजी सुभाष चंद्र बोस यादगार समिति के प्रदेश कार्यालय सचिव मुदित भटनागर ने कहा कि नेताजी सुभाष चंद्र बोस यादगार समिति संपूर्ण भोपाल में आम जनता के सहयोग से 17 जनवरी से शुरू करते हुए 23 जनवरी तक भोपाल के विभिन्न चौक चौराहों पर विभिन्न तरह के आयोजन कर रही है। जिसका समापन कार्यक्रम  23 जनवरी को  हिन्दी भवन मे  सांस्कृतिक कार्यक्रम व सभा के रूप मे किया जा रहा है । कार्यक्रम का संचालन नेताजी सुभाष चंद्र बोस आयोजन समिति के सदस्य सतीश ओझा जी ने किया।

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