तिज़ोरी साफ़: सरकार को 2029 तक चुकाना होगा 3 लाख करोड़ रुपए का ऋण | New India Times

नरेन्द्र कुमार, ब्यूरो चीफ़, जलगांव (महाराष्ट्र), NIT:

तिज़ोरी साफ़: सरकार को 2029 तक चुकाना होगा 3 लाख करोड़ रुपए का ऋण | New India Times

2025 में दिल्ली की राजनीति में आखिर ऐसा क्या होने वाला है जिसके डर से महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेन्द्र फडणवीस और बीजेपी के मंत्रियों के चेहरों की चमक गायब है। गोदी मीडिया ने महाराष्ट्र की राजनीति में इतने खोखले और कमजोर नेता पैदा कर दिए हैं कि बीड के अभिभावक मंत्री का दायित्व स्वीकार करने के लिए एक भी मंत्री आगे नहीं आ रहा है। सरकार की तिज़ोरी सफ़ाचट है। राज्य पर 8 लाख 10 हजार करोड़ रुपए का ऋण है। इस कर्ज़ के ब्याज के रूप में सरकार को हर साल 56 हजार करोड़ रुपए चुकाने होते हैं। रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया की ओर से महाराष्ट्र सरकार को हर साल मिलने वाला 70 हजार करोड़ रुपए का कर्ज़ मिल पाना मुश्किल हो गया है। 2029 तक राज्य सरकार को कुल ऋण 8 लाख 10 हजार करोड़ रुपए में से 3 लाख करोड़ रुपए चुकाने पड़ेंगे तब जा कर वित्तीय स्थिती पटरी पर आएगी। राजस्व के लिए राज्य सरकार खुली शराब निति को अमल में लाने जा रही है। अजीत पवार के बीजेपी के साथ आने से केंद्रीय जांच संस्थाओं ने अपनी इज्ज़त गंवाकर तो बीजेपी के नेताओं को अपने करियर की कुर्बानी दे कर युति को मिले प्रचंड बहुमत की कीमत चुकाना पड़ रही है।

तिज़ोरी साफ़: सरकार को 2029 तक चुकाना होगा 3 लाख करोड़ रुपए का ऋण | New India Times

सजने लगे भक्ति रस के पंडाल: सरकार की तिज़ोरी में फूटी कौड़ी नहीं संवैधानिक संस्था होने के नाते प्रशासन की वित्तीय हैसियत बची नहीं है। इन सब बातों से कोसों दूर खड़े कर दिए गए समाज को भक्ति सागर में गोते लगाने के अवसर पैदा किए जा रहे हैं। आवश्यकता के अनुसार प्रदेश के अलग-अलग इलाकों में सुनियोजित तरीके से पंडाल लगने शुरू हो चुके हैं।

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