मेहलक़ा इक़बाल अंसारी, ब्यूरो चीफ, बुरहानपुर (मप्र), NIT:

नगर पालिक निगम बुरहानपुर में वर्षों से अपने हक की लड़ाई लड़ रहे कर्मचारियों के समयमान वेतनमान की गुंज भोपाल में उठते ही आदेश जारी हो गये है। नेपानगर विधायक मंजु राजेन्द्र दादू ने मध्यप्रदेश विधानसभा में तारांकित प्रश्न से इस विषय को सदन में लगाया था। नगर निगम द्वारा इस प्रश्न के दिये गये उत्तर में बताया गया कि 175 के करीब कर्मचारियों के समयमान वेतनमान के आदेश जारी किये गये है। कर्मचारियों के लिये आई राहत भरी खबर के बाद सभी ने विधायक का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि मंजू दीदी है तो सब मुमकिन है।
गुमराह करने वाले अधिकारीयों व कर्मचारियों पर हो कार्यवाही उच्च स्तरीय कमेटी की मांग
तारांकित प्रश्न क्रमांक 1519 के उत्तर में नगर निगम बुरहानपुर द्वारा दी गई जानकारी में 250 के करीब कर्मचारी जो अभी भी समयमान वेतनमान से वंचित रह गये, जिनमें रिटायर कर्मचारी भी शामिल है। इन्हें लाभ क्यो नहीं दिया गया ? यह जानकारी नहीं दी गई है। इन विषयो को लेकर विधायक मंजू दादु ने विधानसभा के माननीय सभापति श्री नरेन्द्र सिंह तोमर तथा नगरीय आवास और विकास मंत्री श्री कैलाश विजयवर्गीय को पत्र सौप मांग की है कि तारांकित प्रश्न के उत्तर में नगर निगम के जिम्मेदारो द्वारा गुमराह कर अपूर्ण जानकारी दी गई है जिससे मैं असंतुष्ट हूं। नगर निगम द्वारा समयमान वेतनमान के जारी किये गए ।आदेश में यह नियम कि इन कर्मचारियों को समयमान वेतनमान के एरियर नहीं दिया जायेगा उससे भी असंतुष्ट हूं, क्योंकि इस विलंब के लिये संबंधित अधिकारी व कर्मचारी जिम्मेदार है। नगर निगम में पूर्व में जिन 12 के करीब कर्मचारियों ने समयमान वेतनमान का लाभ ले लिया था वह किस नियम के तहत दिया गया सहित अन्य सभी मुद्दों की उच्च स्तरीय कमेटी बनाकर जांच की जाये।
कर्मचारियों की सीआर अप्राप्त के ज़िम्मेदार कौन
विधायक मंजु दादु ने बताया कि कर्मचारियों ने मेरे संज्ञान में लाया है कि समयमान वेतनमान का लाभ ना देने के लिए कई कर्मचारियों की सीआर अप्राप्त होने का कारण नगर निगम द्वारा बताया जा रहा है। जबकि शासन के नियमानुसार सरकारी कर्मचारियों की प्रतिवर्ष गोपनीय चरित्रावली (सीआर) लिखने का प्रावधान है। इसके तहत कर्मचारी को स्थापना शाखा द्वारा इसका फार्म दिया जा जाता है जिसे भर कर जमा करने के बाद संबंधित अधिकारी ग्रेड देता है। मप्र शासन सामान्य प्रशासन विभाग भोपाल के पत्र क्रमांक एफ 16-143/2013 भोपाल दिनांक 1/3/2018 के अनुसार कर्मचारियों का स्थायीकरण/पदोन्नती/समयमान वेतनमान इत्यादि सीआर के आधार पर प्रभावित हुआ तो इससे शासकीय सेवक को होने वाली क्षति की पूर्ति दोषी अधिकारी के वेतन से कटौती की जाकर संबंधित कर्मचारी को उसका भुगतान किया जायेगा। यदि सीआर के आधार पर समयमान वेतनमान का लाभ नहीं दिया जा रहा है तो यह है एक गंभीर विषय है। सीआर लिखने कि जिम्मेदारी संबंधित अधिकारी की है। शासकीय सेवको के कुछ गोपनीय प्रतिवेदन उपलब्ध न होने के आधार पर उतने गोपनीय प्रतिवेदन विचाराधीन अवधि के पूर्व वर्षो तथा बाद के वर्षो को देखकर समयमान वेतनमान का लाभ दिया जा सकता है। विधायक मंजु दादु ने समयमान वेतनमान के शेष रहे कर्मचारियों को आश्वस्त किया कि प्रदेश कि भाजपा सरकार जनहितेषी व कर्मचारी हितेषी सरकार है उन्हें भी जल्द उनका हक मिलेगा।
