पवन परूथी, ग्वालियर (मप्र), NIT:

दिनांक 09.12.2024 को सूचनाकर्ता डालचन्द्र कोष्ठा पुत्र स्व. श्री परमलाल कोष्ठा निवासी रायकालोनी घासमण्डी द्वारा मृतिका कमला कोष्ठा पत्नि परमलाल कोष्ठा उम्र 88 साल की मृत्यु की सूचना पर से थाना ग्वालियर में मर्ग क्रमांक 38/24 धारा 194 बीएनएसएस कायम कर जॉच में लिया गया। पुलिस द्वारा मर्ग जॉच के दौरान साक्षियों के कथन लेख किये गये जिसमें यह तथ्य सामने आये कि मृतिका कमला कोष्टा को उसके दोनों बेटे अपने साथ नहीं रखना चाहते थे, इस संबध में साक्षियों द्वारा पूर्व में भी विवाद होना बताया गया है।
मृतिका की पीएम रिपोर्ट में गला घोंटकर मृत्यु होना पाया गया। जॉच में उपलब्ध साक्ष्य के आधार पर पाया गया कि मृतिका के दोनों बेटों ने एक राय होकर दिनांक 09.12.2024 के शाम करीबन 05.00 बजे मृतिका कमला कोष्ठा की गला दबाकर हत्या की थी। जिस पर से थाना ग्वालियर में अप0क्र0 636/24 धारा 103(1),3(5) बीएनएस का पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया गया।
उक्त हत्या की घटना को गंभीरता से लेते हुये पुलिस अधीक्षक ग्वालियर श्री धर्मवीर सिंह द्वारा सीएसपी ग्वालियर श्री आयुष गुप्ता को थाना ग्वालियर पुलिस की टीम बनाकर उक्त हत्या के दोनों आरोपियों को गिरफ्तार करने हेतु निर्देशित किया गया। वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशों के परिपालन में थाना प्रभारी ग्वालियर निरीशक आसिफ मिर्जा बेग के द्वारा थाना बल की टीम को उक्त हत्या के प्रकरण में वांछित दोनों आरोपियों को पकड़ने हेतु लगाया गया। पुलिस टीम द्वारा त्वरित कार्यवाही करते हुये राय कॉलोनी घासमण्डी से दोनों आरोपियों को पकड़ लिया गया।
पकड़े गये दोनों आरोपियों से घटना के संबंध में पूछताछ की गई तो उनके द्वारा पुलिस टीम को गुमराह करने का प्रयास किया, परन्तु पुलिस टीम द्वारा गहनता से पूछताछ की गई तो उनके द्वारा अपनी मां की गला दबाकर हत्या करना स्वीकार किया। जिस पर से पुलिस टीम द्वारा दोनों आरोपियों को थाना ग्वालियर के अपराध सदर में विधिवत गिरफ्तार किया गया। पकड़े गये आरोपी घटना के बाद पुलिस सूचना नहीं देना चाहते थे और अन्तिम संस्कार करने के फिराक में थे, किन्तु थाना ग्वालियर पुलिस को इस प्रकार की घटना की सूचना प्राप्त हुई तो पुलिस ने तत्काल मौके पर पहुंचकर शव को बरामद कर पी.एम कराया गया था।
सराहनीय भूमिका:- थाना प्रभारी ग्वालियर आसिफ मिर्जा बेग, उपनिरीक्षक संजय शर्मा, उप निरीक्षक प्रदीप तोमर, उपनिरीक्षक अजयपाल सिंह यादव, प्रधान आरक्षक कमल परिहार, प्रधान आरक्षक अंगूरीदेवी, आरशक राहुल भदौरिया, विवेक तोमर, अर्जुन सिकरवार, ब्रजकिशोर भदौरिया की सराहनीय भूमिका रही।
