मो. मुजम्मिल, जुन्नारदेव/छिंदवाड़ा (मप्र), NIT:
ग्रामीण परिवारों को उनकी संपत्ति का कानूनी अधिकार दिलाने और उन्हें आत्मनिर्भर बनाने के उद्देश्य से संचालित स्वामित्व योजना में छिंदवाड़ा जिला प्रदेश में प्रथम स्थान पर बना हुआ है। कलेक्टर श्री हरेंद्र नारायन के नेतृत्व में राजस्व विभाग के मैदानी अमले के समर्पित प्रयासों, नियमित निगरानी और प्रभावी प्रशासनिक समन्वय के परिणामस्वरूप जिले में 18,333 हितग्राहियों की रजिस्ट्री पूरी हो चुकी है। जिले की तामिया तहसील ने भी तहसीलदार श्री संजय मसराम के प्रयासों से उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए प्रदेश की तीन सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाली तहसीलों में दूसरा स्थान हासिल किया है।
जिला प्रशासन की प्रतिबद्धता से मिल रही सफलता
स्वामित्व योजना को जनहित की प्राथमिकताओं में शामिल करते हुए कलेक्टर श्री नारायन ने इसके प्रभावी क्रियान्वयन पर विशेष जोर दिया है। मैदानी स्तर पर कार्यों की नियमित समीक्षा, अधिकारियों की सक्रिय भागीदारी और कर्मचारियों की कार्यक्षमता बढ़ाने के प्रयासों से योजना के क्रियान्वयन में तेजी आई है। जिला प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी भी गांवों में पहुंचकर प्रगति की समीक्षा कर रहे हैं, ताकि पात्र हितग्राहियों को समय पर योजना का लाभ मिल सके।
मुख्यमंत्री जन विश्वास अभियान के अंतर्गत प्रत्येक सप्ताह आयोजित होने वाले जनसंवाद शिविर इस दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। इन शिविरों में जनप्रतिनिधियों की उपस्थिति में हितग्राहियों को संपत्ति के स्वामित्व से संबंधित दस्तावेज सौंपे जा रहे हैं। इससे ग्रामीणों में अपने अधिकारों के प्रति जागरूकता बढ़ रही है और शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ सीधे लोगों तक पहुंच रहा है।
संपत्ति के दस्तावेजों से बढ़ रहा ग्रामीणों का आत्मविश्वास
स्वामित्व योजना केवल रजिस्ट्री और दस्तावेजों तक सीमित नहीं है, बल्कि यह ग्रामीण परिवारों को सुरक्षा, सम्मान और आर्थिक सशक्तीकरण की दिशा में आगे बढ़ाने का महत्वपूर्ण माध्यम बन रही है। योजना के तहत पंजीयन पूरी तरह निःशुल्क है। संपत्ति के स्वामित्व से संबंधित दस्तावेज मिलने से ग्रामीणों को अपने घर पर कानूनी अधिकार प्राप्त करने में मदद मिलती है, जिससे उनके मन में सुरक्षा और भविष्य के प्रति विश्वास मजबूत होता है।
इसके साथ ही, पात्रता और संबंधित बैंक के नियमों के अधीन संपत्ति के आधार पर ऋण प्राप्त करने में भी मदद मिल सकती है। घर और जमीन से जुड़े संभावित विवादों की आशंका कम करने तथा संपत्ति संबंधी अधिकारों को स्पष्ट करने में भी ये दस्तावेज उपयोगी साबित हो सकते हैं।
अब कलेक्टर श्री नारायन का लक्ष्य स्वामित्व योजना के अंतर्गत शेष रजिस्ट्री कार्यों को तेजी से पूरा कराते हुए शत-प्रतिशत पात्र हितग्राहियों को शीघ्र लाभान्वित करना है। जिला प्रशासन के निरंतर प्रयासों से उम्मीद है कि आने वाले समय में अधिक से अधिक ग्रामीण परिवारों को उनके घर का कानूनी अधिकार मिलेगा और छिंदवाड़ा जिला सुशासन एवं जनसेवा के क्षेत्र में अपनी अग्रणी पहचान को और मजबूत करेगा।

