रहीम शेरानी हिन्दुस्तानी/पंकज बड़ोला, झाबुआ (मप्र), NIT:
विजयादशमी के अवसर पर थांदला के दशहरा मैदान में रावण दहन के दौरान एक अनोखा मामला सामने आया। हजारों की संख्या में श्रद्धालु रावण दहन देखने के लिए मैदान में एकत्रित हुए थे। मैदान खचाखच भरा हुआ था। इसी दौरान आतिशबाजी से निकली एक चिंगारी रावण के पुतले पर जा गिरी, जिससे पुतले में आग लग गई और देखते ही देखते रावण धू-धू कर जलने लगा।
अचानक रावण के पुतले में आग लगने से वहां मौजूद लोग हैरान रह गए। कुछ देर के लिए मैदान में अफरा-तफरी का माहौल बन गया, हालांकि आयोजकों ने स्थिति को संभाला।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, आतिशबाजी से निकली चिंगारी के कारण रावण के पुतले में आग लगी। जिस समय पुतला जल रहा था, उस समय भगवान श्रीराम की सवारी थांदला के बाजार में ही थी और दशहरा मैदान तक नहीं पहुंची थी।
स्थानीय लोगों के बीच इस घटना को लेकर चर्चा रही। लोगों ने इसे आयोजन में हुई चूक से जोड़ते हुए सवाल उठाए। परंपरा के अनुसार, भगवान श्रीराम की सवारी के दशहरा मैदान पहुंचने और उनके द्वारा तीर चलाने के बाद ही रावण दहन किया जाता है, लेकिन इस बार आतिशबाजी की चिंगारी से पुतला पहले ही जल गया।
हालांकि, असत्य पर सत्य की जीत के प्रतीक दशहरा उत्सव में रावण दहन तो हुआ, लेकिन भगवान श्रीराम की सवारी के मैदान में पहुंचने से पहले ही रावण का पुतला जल जाने की घटना चर्चा का विषय बन गई।

