रहीम शेरानी हिन्दुस्तानी/पंकज बड़ोला, झाबुआ (मप्र), NIT:

प्रसिद्ध तीर्थस्थल फुटतालाब में मां के गरबों की रात आस्था की रोशनी से जगमगा रही है। अनुशासन के साथ धर्म और भारत की विभिन्न पारंपरिक संस्कृतियों को एक रूप में प्रस्तुत करने वाला श्री वनेश्वर मारुति नंदन नवरात्रि महोत्सव नित नए इतिहास रच रहा है। यह आयोजन धर्म और भारतीय संस्कृति की उत्कृष्ट झलकियों के कारण प्रदेशभर में लोकप्रिय हो रहा है।

कैबिनेट मंत्री नागर सिंह चौहान, समाजसेवी बृजेन्द्र चुन्नू शर्मा, कमरू अजनार, भाजपा के पूर्व जिलाध्यक्ष शैलेष दुबे, पिछड़ा वर्ग मोर्चा जिलाध्यक्ष कमलेश दातला, युवा मोर्चा जिलाध्यक्ष प्रकाश परमार, सुशील शर्मा, रमेश परमार और झाबुआ के एडिशनल एसपी उदय बिलवाल की मुख्य आतिथ्य में मध्य प्रदेश का सबसे बड़ा गरबा पांडाल खचाखच भरा दिखाई दिया।

क्षेत्र की ग्रामीण बेटियों ने गौमाता को बचाने और किसानों से जुड़ी समस्याओं पर आधारित प्रस्तुतियां दीं। इन प्रस्तुतियों को देखकर मुख्य अतिथि भावविभोर हो गए। कैबिनेट मंत्री नागर सिंह चौहान और आयोजन समिति के सदस्य श्री जैन ने बेटियों को पुरस्कृत भी किया।

वहीं, मां रोग्या देवी मंदिर समिति, खवासा से पहुंचे राहुल और अन्य सदस्यों ने धर्म को मजबूत करने तथा असंख्य युवाओं को धर्म से जोड़ने के लिए समाजसेवी श्री जैन और उनके परिवार का सम्मान किया।

मुख्य अतिथियों के स्वागत में क्षेत्र की बेटियों ने जहां अपनी पारंपरिक संस्कृति की झलक प्रस्तुत की, वहीं गरबों के माध्यम से यह भी बताया कि उन्हें अपनी संस्कृति पर गर्व क्यों है। भारतीय मूल के पायलट कैप्टन स्मित मच्छार, जो हाल ही में चर्चा में आए हैं, पर आधारित प्रस्तुति देकर भी ग्रामीण बेटियों ने सभी का सिर गर्व से ऊंचा कर दिया।

गरबा देखने और खेलने वालों की भीड़ इतनी अधिक थी कि पूरे पांडाल में पैर रखने तक की जगह नहीं बची। आयोजकों ने प्रशासन के सहयोग से लगातार लोगों के बैठने की व्यवस्था की, बावजूद इसके कई लोगों को जगह नहीं मिल सकी। बाहर से आए गरबा दलों, क्षेत्र की ग्रामीण बेटियों और बड़ी संख्या में स्थानीय महिलाओं ने गरबा खेलकर फुटतालाब के आयोजन को संस्कृति और धर्म के सबसे बड़े पर्व का रूप दे दिया।

आयोजन समिति के वरिष्ठ सदस्य रिंकू जैन और जैकी जैन तथा मंदिर के महंत श्री दिलीपदास जी महाराज ने श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे अधिक से अधिक संख्या में फुटतालाब पहुंचें और भारत को गौरवान्वित करने वाली अपनी समृद्ध संस्कृति से जुड़ें।

