अबरार अहमद खान/मुकीज़ खान, भोपाल (मप्र), NIT:
राजधानी भोपाल में आदिवासी छात्रों के प्रदर्शन के दौरान ‘जय जोहार’ बोलने पर अभद्र टिप्पणी एवं गाली गलौज करने के मामले में थाना मिसरोद के टीआई रतनलाल सिंह परिहार को निलंबित कर दिया गया है। सोशल मीडिया पर वायरल हुए वीडियो में टीआई छात्रों से कथित तौर पर अभद्र भाषा में बात करते और ‘यहीं कूट दूंगा’ कहते सुनाई दे रहे हैं। मामला सामने आने के बाद आदिवासी विधायकों और विभिन्न संगठनों ने टीआई के खिलाफ कार्रवाई की मांग की थी। इसके बाद पुलिस उपायुक्त, जोन-2 द्वारा 14 अक्टूबर 2026 को निलंबन का आदेश जारी किया गया।

पुलिस उपायुक्त, जोन-2 की ओर से जारी आदेश में सोशल मीडिया पर प्रसारित वीडियो में प्रदर्शित आचरण से पुलिस विभाग की छवि पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ने की आशंका जताई गई है। आदेश के तहत निरीक्षक रतनलाल सिंह परिहार को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। निलंबन अवधि के दौरान उनका मुख्यालय रक्षित केंद्र भोपाल निर्धारित किया गया है। उन्हें नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ता दिए जाने का भी उल्लेख आदेश में है।
बताया जा रहा है कि गोंडवाना गणतंत्र पार्टी की स्टूडेंट विंग ने आदिवासी छात्रों की समस्याओं को लेकर प्रदर्शन किया था। इसी दौरान ‘जय जोहार’ का नारा लगाने पर टीआई रतनलाल सिंह परिहार के कथित तौर पर भड़कने और छात्रों के साथ अभद्र भाषा का इस्तेमाल करने का मामला सामने आया। ‘जय जोहार’ आदिवासी समाज में अभिवादन और सम्मान का प्रतीक माना जाता है। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर प्रसारित होने के बाद मामला तूल पकड़ गया और संबंधित पुलिस अधिकारी के व्यवहार को लेकर सवाल उठने लगे।
आदिवासी छात्रों के प्रदर्शन के दौरान सामने आए इस मामले ने पुलिसकर्मियों के सार्वजनिक व्यवहार और प्रदर्शनकारियों के साथ संवाद के तरीके को लेकर सवाल खड़े किए हैं। अब निलंबन की कार्रवाई के बाद मामले की आगे की जांच और विभागीय प्रक्रिया पर नजर रहेगी। यह भी महत्वपूर्ण होगा कि वायरल वीडियो की पूरी परिस्थितियों की जांच कर तथ्यों के आधार पर निष्कर्ष निकाला जाए।

