ज़फ़र खान, अकोट/अकोला (महाराष्ट्र), NIT:
अकोट तहसील के सातपुड़ा पर्वत की तलहटी में स्थित ग्राम धारूळ रामापुर के खेत सर्वे नंबर 21 की जमीन को लेकर चल रहे साहूकारी विवाद में प्रशासन की ओर से महत्वपूर्ण कार्रवाई की गई है। संबंधित जमीन पर वास्तविक कब्जा किसका है और खेती कौन कर रहा है, इसकी जानकारी जुटाने के लिए राजस्व विभाग के अधिकारियों ने 6 अक्टूबर 2026 को मौके पर पहुँचकर पंचनामा किया।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, गट नंबर 21 की 1.62 आर जमीन को साहूकारी लेन-देन के दौरान गिरवी के रूप में 20 अप्रैल 1998 को गैर-अर्जदार सरिता विजय चांडक के नाम पर खरीदकर दिया गया था। हालांकि, आवेदक रमेश रामचंद्र खिरकर का दावा है कि उक्त जमीन शुरुआत से ही उनके कब्जे में है और वे ही इस पर खेती करते आ रहे हैं।
इस मामले में जिला उपनिबंधक कार्यालय, अकोला में साहूकारी से संबंधित प्रकरण विचाराधीन है। जिला उपनिबंधक ने अकोट तहसीलदार को निर्देश दिया था कि संबंधित जमीन पर वास्तविक कब्जा किसका है, इसकी जाँच कर वस्तुस्थिति पर आधारित रिपोर्ट प्रस्तुत की जाए।
इसी आदेश के तहत अकोट तहसीलदार के निर्देश पर अकोलखेड मंडल अधिकारी तथा रामापुर के तलाठी ने आवेदक और गैर-अर्जदार को लिखित नोटिस जारी किए। इसके बाद 6 अक्टूबर को राजस्व विभाग की टीम ने खेत पर पहुँचकर पंचनामा किया।
पंचनामा के दौरान गैर-अर्जदार सरिता विजय चांडक मौके पर उपस्थित नहीं थीं। हालांकि, उन्होंने अपना पक्ष मंडल अधिकारी और तलाठी के समक्ष लिखित रूप में प्रस्तुत किया। वहीं, आवेदक रमेश रामचंद्र खिरकर स्वयं मौके पर उपस्थित थे।
जाँच के दौरान खेत की सीमा से सटे किसानों के बयान दर्ज किए गए। उपस्थित किसानों और गवाहों के समक्ष पंचनामा तैयार कर उनके हस्ताक्षर भी लिए गए।
इस अवसर पर मंडल अधिकारी पी.ए. होपळ, सचिव जानराव मोहाडे, तलाठी राजाभाऊ खामकर, तलाठी जयश्री धवणे, कोतवाल तथा किसान धनराज श्रीराम धर्मे, अरुण शामराव चामलाटे, सोपान रमेश सरपे, अनिल रामदास आतकड, देवानंद रमेश खिरकर और आवेदक रमेश रामचंद्र खिरकर उपस्थित थे।
पंचनामा के दौरान उपस्थित किसानों ने अपने बयानों में बताया कि विवादित जमीन शुरुआत से लेकर वर्तमान समय तक रमेश रामचंद्र खिरकर के कब्जे और खेती में रही है। किसानों ने इस संबंध में अपने लिखित बयान भी दर्ज कराए हैं। अब इस पूरे मामले की रिपोर्ट जल्द ही जिला उपनिबंधक कार्यालय, अकोला को भेजी जाएगी। इसके बाद संबंधित प्रकरण में आगे की कार्रवाई की जाएगी।
मंडल अधिकारी पी.ए. होपळ की प्रतिक्रिया
अकोट तहसीलदार के आदेशानुसार जमीन के कब्जे के संबंध में पंचनामा किया गया। इस दौरान खेत की सीमा से लगे किसानों और मौके पर उपस्थित अन्य किसानों के बयान दर्ज किए गए तथा पंचनामा पर उनके हस्ताक्षर लिए गए।
तलाठी जयश्री धवणे की प्रतिक्रिया
तहसीलदार के आदेश के अनुसार आवेदक और गैर-अर्जदार को नोटिस जारी किए गए थे। गैर-अर्जदार ने अपना पक्ष लिखित रूप में प्रस्तुत किया है। पंचनामा के समय आवेदक स्वयं मौके पर उपस्थित थे। किसानों और गवाहों के लिखित बयान दर्ज कर पंचनामा किया गया है। जल्द ही इसकी रिपोर्ट जिला उपनिबंधक कार्यालय, अकोला को प्रस्तुत की जाएगी।
किसान अरुण शामराव चामलाटे का बयान
गट नंबर 21 की संबंधित जमीन पिछले 15 से 20 वर्षों से रमेश रामचंद्र खिरकर के कब्जे और खेती में है। इस वर्ष भी उन्होंने इस जमीन पर तुअर की फसल बोई है। मेरा खेत इसके बाजू में है, इसलिए मुझे इस जमीन के संबंध में पूरी जानकारी है। इसी आधार पर मैंने अपना बयान लिखित रूप में प्रस्तुत किया है।
अब सभी की निगाहें जिला उपनिबंधक कार्यालय, अकोला को प्रस्तुत होने वाली रिपोर्ट और इस साहूकारी विवाद में होने वाली आगामी कार्रवाई पर टिकी हैं।

