त्रिवेंद्र जाट, देवरी/सागर (मप्र), NIT:

सागर जिले के देवरी स्थित शासकीय सांदीपनि विद्यालय में महीनों से लगे राजनीतिक नेताओं और जनप्रतिनिधियों के प्रचार संबंधी फ्लेक्स का मामला अब जिला प्रशासन तक पहुंच गया है। शिकायत के बावजूद विद्यालय परिसर से फ्लेक्स नहीं हटाए जाने पर प्रशासन की कार्यप्रणाली को लेकर सवाल उठ रहे हैं। देवरी विधानसभा क्षेत्र के पूर्व मंत्री एवं पूर्व विधायक हर्ष यादव ने भी शासकीय शिक्षण संस्थानों में राजनीतिक गतिविधियों और राजनीतिक कार्यक्रमों के आयोजन पर आपत्ति जताई है।
जानकारी के अनुसार, विद्यालय में तिरंगा यात्रा, सेवा संकल्प यात्रा सहित विभिन्न कार्यक्रमों के आयोजन के बाद भी नेताओं और जनप्रतिनिधियों के प्रचार संबंधी फ्लेक्स लंबे समय से लगे हुए हैं। इसको लेकर बच्चों के अभिभावकों ने भी आपत्ति जताई है। उनका कहना है कि शासकीय विद्यालयों का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों को बेहतर शिक्षा और अनुकूल शैक्षणिक वातावरण उपलब्ध कराना है। ऐसे में विद्यालय परिसर में लंबे समय तक राजनीतिक प्रचार सामग्री लगे रहना संस्था की गरिमा और शैक्षणिक वातावरण को लेकर सवाल खड़े करता है।
बताया जा रहा है कि इस मामले की शिकायत देवरी एसडीएम से लेकर सागर कलेक्टर तक पहुंचाई गई है। इसके बावजूद फ्लेक्स नहीं हटाए जाने की बात सामने आने के बाद संबंधित अधिकारियों की भूमिका पर सवाल उठने लगे हैं। पूर्व मंत्री हर्ष यादव ने भी शिक्षण संस्थानों में राजनीतिक गतिविधियों को लेकर विरोध जताते हुए इस विषय को उठाया है।
शिकायत के बाद भी कार्रवाई का इंतज़ार
मामला वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों तक पहुंचने के बाद भी यदि विद्यालय परिसर से राजनीतिक फ्लेक्स नहीं हटाए गए हैं, तो यह सवाल उठना स्वाभाविक है कि शिकायत पर अब तक क्या कार्रवाई की गई है। शासकीय शिक्षण संस्थानों में राजनीतिक प्रचार सामग्री लगाने को लेकर लागू नियमों का पालन सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी संबंधित अधिकारियों की है। ऐसे में यह भी स्पष्ट होना चाहिए कि फ्लेक्स हटाने के लिए कोई निर्देश जारी किए गए हैं या नहीं।
बच्चों के शैक्षणिक वातावरण का सवाल
शासकीय विद्यालय विद्यार्थियों के भविष्य निर्माण के महत्वपूर्ण केंद्र हैं। यहां शिक्षा के अनुकूल, अनुशासित और निष्पक्ष वातावरण उपलब्ध कराना आवश्यक है। विद्यालय परिसर में लंबे समय तक राजनीतिक प्रचार सामग्री लगे रहने से संस्था की शैक्षणिक गरिमा को लेकर सवाल उठ सकते हैं। हालांकि, फ्लेक्स लगे होने मात्र से विद्यार्थियों की पढ़ाई प्रभावित होने की पुष्टि नहीं होती, लेकिन शैक्षणिक परिसरों में राजनीतिक प्रचार से संबंधित नियमों का पालन सुनिश्चित करना जरूरी है।
प्रशासन की कार्रवाई पर टिकी निगाहें
अब देखना होगा कि देवरी एसडीएम और सागर कलेक्टर इस मामले में क्या कदम उठाते हैं और विद्यालय परिसर से राजनीतिक फ्लेक्स हटाने के संबंध में कोई कार्रवाई की जाती है या नहीं। फिलहाल, प्रशासन की ओर से की गई कार्रवाई और आगे के कदमों को लेकर स्थिति स्पष्ट होना बाकी है।

