विशाला में बिजली संकट से ग्रामीणों में आक्रोश, विभाग को अल्टीमेटम; समाधान नहीं हुआ तो होगा उग्र आंदोलन | New India Times

मो. मुजम्मिल, जुन्नारदेव/छिंदवाड़ा (मप्र), NIT:

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जुन्नारदेव के अंतर्गत ग्राम पंचायत जुन्नारदेव विशाला में बिजली व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है। आए दिन होने वाली बिजली ट्रिपिंग और अघोषित कटौती से परेशान ग्रामीणों का सब्र अब जवाब देने लगा है। ग्रामीणों ने बिजली विभाग के कार्यालय के सामने धरना-प्रदर्शन कर अपना विरोध जताया। साथ ही विभाग को स्पष्ट अल्टीमेटम दिया कि यदि जल्द ही निर्बाध बिजली आपूर्ति बहाल नहीं की गई, तो वे सड़क पर उतरकर उग्र जन आंदोलन करेंगे।

विशाला में बिजली संकट से ग्रामीणों में आक्रोश, विभाग को अल्टीमेटम; समाधान नहीं हुआ तो होगा उग्र आंदोलन | New India Times

क्या है पूरा मामला?

विशाला एक महत्वपूर्ण धार्मिक एवं ग्रामीण क्षेत्र है, जहां प्रतिदिन सैकड़ों श्रद्धालुओं का आना-जाना लगा रहता है। बिजली संकट के कारण यहां आने वाले श्रद्धालुओं के साथ-साथ स्थानीय निवासियों को भी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।

ग्रामीणों ने बताया कि वर्ष 2012 में आदिम जाति कल्याण विभाग द्वारा विशेष बजट जारी कर विशाला को शहर के फीडर से जोड़ा गया था, ताकि क्षेत्र में सुचारू रूप से बिजली आपूर्ति हो सके।

हाल ही में क्षेत्र में सड़क निर्माण कार्य के चलते नई बिजली लाइन बिछाई गई थी। क्षेत्रीय विधायक और प्रशासनिक अधिकारियों के बीच चर्चा के बाद बिजली आपूर्ति शुरू तो कर दी गई, लेकिन ग्रामीणों का कहना है कि इससे समस्या का समाधान होने के बजाय परेशानियां और बढ़ गई हैं।

हर घंटे 10 से 12 बार ट्रिपिंग का आरोप

ग्रामीणों के अनुसार, वर्तमान में क्षेत्र में बिजली की स्थिति बेहद खराब है। उनका आरोप है कि हर घंटे 10 से 12 बार बिजली ट्रिप होने के कारण बार-बार आपूर्ति बाधित हो रही है। ग्रामीणों का कहना है कि विद्युत विभाग उनकी समस्याओं को गंभीरता से नहीं ले रहा है और उन्हें उनके हक की बिजली नहीं मिल पा रही है।

ग्रामीणों की दो टूक: समाधान नहीं हुआ तो करेंगे आंदोलन

बिजली समस्या का समाधान नहीं होने से नाराज ग्रामीणों ने अब आर-पार की लड़ाई का मन बना लिया है। उन्होंने बिजली विभाग को चेतावनी देते हुए कहा कि यदि पूर्व की भांति शहर के फीडर से निर्बाध बिजली आपूर्ति जल्द बहाल नहीं की गई, तो पूरा विशाला क्षेत्र सड़क पर उतरकर व्यापक जन आंदोलन करेगा। ग्रामीणों ने कहा कि ऐसी स्थिति में इसकी जिम्मेदारी प्रशासन और विद्युत विभाग की होगी।

अब देखना यह होगा कि ग्रामीणों के विरोध-प्रदर्शन और अल्टीमेटम के बाद बिजली विभाग के अधिकारी इस गंभीर समस्या के स्थायी समाधान के लिए क्या कदम उठाते हैं।

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