मो. मुजम्मिल, जुन्नारदेव/छिंदवाड़ा (मप्र), NIT:

जुन्नारदेव के अंतर्गत ग्राम तेलीबट तुमड़ा टांड़ा में विद्युत ट्रांसफॉर्मर पिछले 22–23 दिनों से जला पड़ा है, लेकिन अब तक उसे बदला नहीं गया है। बिजली की समस्या के कारण ग्रामवासियों के साथ-साथ किसानों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। खेतों में सिंचाई नहीं हो पाने के कारण किसानों की फसलें सूख रही हैं, जिससे उन्हें आर्थिक नुकसान होने की आशंका है।

ग्रामीणों के अनुसार, इस समस्या को लेकर लाइनमैन को बार-बार फोन किया जा रहा है। बिजली विभाग को लगातार सूचना देने के साथ-साथ 1912 बिजली शिकायत हेल्पलाइन पर भी शिकायत दर्ज कराई गई है। इतना ही नहीं, समस्त ग्रामीण एकजुट होकर नवेगांव स्थित बिजली कार्यालय में ज्ञापन एवं आवेदन भी सौंप चुके हैं और जल्द से जल्द ट्रांसफॉर्मर बदलने की मांग कर चुके हैं। इसके बावजूद अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है।
लगातार फोन करने, शिकायत दर्ज कराने और कार्यालय में आवेदन देने के बाद भी समस्या का समाधान नहीं होना बिजली विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े करता है। आखिर किसानों और ग्रामीणों की समस्याओं पर जिम्मेदार अधिकारी कब ध्यान देंगे? क्या विभाग किसी बड़े नुकसान का इंतजार कर रहा है?
एक ओर किसान दिन-रात मेहनत करके अपनी फसल तैयार करते हैं, वहीं समय पर बिजली और सिंचाई की सुविधा नहीं मिलने से उनकी मेहनत पर पानी फिरने का खतरा मंडरा रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि समय रहते बिजली आपूर्ति बहाल नहीं की गई, तो फसलों को और अधिक नुकसान हो सकता है।
ग्रामवासियों ने मांग की है कि जले हुए ट्रांसफॉर्मर को तत्काल बदलकर बिजली आपूर्ति बहाल की जाए। साथ ही, वर्तमान में लगे 65 केवीए क्षमता के ट्रांसफॉर्मर को बदलकर उसकी क्षमता 100 केवीए की जाए, ताकि किसानों को सिंचाई के लिए पर्याप्त बिजली मिल सके और पूरे गांव में सुचारु विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित हो सके।
ग्रामीणों ने बिजली विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों एवं जिला प्रशासन से तत्काल हस्तक्षेप करने की अपील की है। साथ ही, चेतावनी दी है कि यदि समस्या का शीघ्र समाधान नहीं हुआ, तो ग्रामीण अपनी मांगों को लेकर उच्च अधिकारियों के समक्ष आवाज उठाने के लिए मजबूर होंगे।
ग्रामीणों की प्रमुख मांगें
- जले हुए ट्रांसफॉर्मर को तत्काल बदला जाए।
- ट्रांसफॉर्मर की क्षमता 65 केवीए से बढ़ाकर 100 केवीए की जाए।
- किसानों की फसलों को बचाने के लिए सिंचाई हेतु पर्याप्त बिजली उपलब्ध कराई जाए।
- बार-बार शिकायतें करने और ज्ञापन सौंपने के बावजूद कार्रवाई नहीं होने पर जिम्मेदारी तय की जाए।
स्थानीय किसानों ने समस्या का जल्द से जल्द निराकरण करने की मांग की है। इस दौरान हरिसिंग राठौड़, दिलीप सिंह राठौड़, गोपाल राठौड़, चुन्नीलाल राठौड़, गोपी राठौड़, रामनाथ राठौड़, भक्कू यदुवंशी, चुन्नी यदुवंशी, सदा यदुवंशी और कलीराम राठौर सहित अन्य किसानों ने अपनी समस्याओं को लेकर चिंता जताई।

