संदीप शुक्ला, ब्यूरो चीफ, ग्वालियर (मप्र), NIT:

वानर सेवा समिति ग्वालियर एवं सपोर्ट एंड केयर कैंसर ग्रुप का संदेश है:- “कैंसर हारेगा, जीवन जीतेगा।” इसी संदेश को चरितार्थ करती चिरगांव, झांसी निवासी 48 वर्षीय बेबी की कहानी लोगों के लिए प्रेरणादायक है।
बेबी को वर्ष 2024 में बाएं मुंह के कैंसर का पता चला। बीमारी का पता चलने तक कैंसर काफी बढ़ चुका था। परिवार की जिम्मेदारियों, तीन बेटियों की शादी और घरेलू परिस्थितियों के कारण उन्होंने लंबे समय तक अपनी तकलीफ को सहन किया और इलाज टालती रहीं। बाद में स्थिति गंभीर होने पर डॉक्टर से संपर्क किया गया।
Support & Care Cancer Education एवं Support & Care Cancer Group की सहायता से उनका उपचार शुरू हुआ। डॉक्टरों ने ऑपरेशन किया, जिसके बाद रेडिएशन थेरेपी दी गई। ऑपरेशन के बाद घाव भरने में काफी समय लगा और अगले तीन से छह महीने उनके तथा परिवार के लिए बेहद चुनौतीपूर्ण रहे। इसके बावजूद बेबी ने हिम्मत नहीं छोड़ी और परिवार तथा चिकित्सकीय टीम ने भी उनका पूरा साथ दिया।
लंबे संघर्ष और उपचार के बाद आज बेबी कैंसर से मुक्त होकर स्वस्थ जीवन जी रही हैं। उनकी तीन बेटियों में से दो की शादी हो चुकी है। हाल ही में जब वह अपनी तीसरी बेटी की शादी का निमंत्रण देने डॉक्टर के पास पहुंचीं तो यह पल भावुक कर देने वाला था। जिस मां को कभी अपनी बेटियों की जिम्मेदारियां पूरी कर पाने की चिंता थी, वही आज अपनी तीसरी बेटी की शादी का निमंत्रण लेकर डॉक्टर के सामने खड़ी थीं। इस दौरान बेबी, डॉक्टर और परिवार की आंखों में खुशी के आंसू छलक पड़े।
समिति और कैंसर ग्रुप ने लोगों से अपील की कि कैंसर से बचाव के लिए तंबाकू और उससे जुड़े सभी उत्पादों से दूरी बनाएं। उन्होंने कहा कि यदि कैंसर हो भी जाए तो हिम्मत न हारें और इलाज से न भागें। समय पर चिकित्सकीय सलाह लेकर उचित उपचार कराया जाए तो कैंसर को मात देकर जीवन को दोबारा खुशहाल बनाया जा सकता है।
संदेश: कैंसर अंत नहीं है। हिम्मत, सही इलाज और परिवार के साथ से नई शुरुआत संभव है।

