पंकज शर्मा, ब्यूरो चीफ, धार (मप्र), NIT:

मप्र तैलिक साहू सभा के प्रांताध्यक्ष श्री ताराचंद जी साहू ने समाज की ओर से मांग की है कि संध्या साहू निवासी गुना के साथ उसके मोहल्ले में रहने वाले अजय धाकड़ के द्वारा विगत डेढ़ वर्ष से छेड़छाड़ की जा रही थी जिसके विरोध में संध्या साहू ने पुलिस थाना केन्ट जिला गुना में कई रिपोर्ट की और बड़ी मशक्कत के बाद पुलिस ने अजय धाकड़ के खिलाफ प्रकरण दर्ज किया। प्रकरण दर्ज होने के बाद आरोपी अजय धाकड़ के द्वारा राजीनामा करने के लिए दवाब बनाया जा रहा था। 4 फरवरी 2022 को पुनः आरोपी अजय धाकड़ ने संध्या साहू के साथ छेड़छाड़ कर हाथ पकड़कर खींचने लगा। जैसे तैसे बचकर संध्या साहू घर पहुंची और पूरी घटना परिजनों को बताई। उक्त घटना को लेकर आरोपी अजय धाकड़ ने संध्या साहू व उसके परिजनों से विवाद किया। आरोपी अजय धाकड़ ने पुलिस थाना केन्ट जिला गुना में षड्यंत्र रचकर झूठी रिपोर्ट पुलिस थाना केन्ट गुना में दर्ज करवा दी। पुलिस ने बगैर जांच पड़ताल के संध्या साहू व 10 अन्य के विरुद्ध प्रकरण दर्ज कर लिया और सभी को जेल भेज दिया गया। संध्या साहू फरियादी ने अपनी इज्जत आबरू को बचाने के लिए संघर्ष कर रही थी और पुलिस ने फरियादी को ही उल्टा आरोपी बनाकर जेल भेज दिया है। उक्त घटना को लेकर प्रदेश के समस्त साहू समाज में आक्रोश व रोष व्याप्त है। सम्पूर्ण प्रदेश में साहू समाज ने विरोध स्वरूप जिला मुख्यालय पर कलेक्टर को ज्ञापन देकर अपनी नाराजगी जताई है। हमारा समाज मांग करता है कि संध्या साहू व उसके परिजनों को बिना शर्त रिहा किया जाय और आरोपी अजय धाकड़ के विरुद्ध नियमानुसार कठोर दंडात्मक कार्यवाही की जावे। अगर हमारे समाज की बेटी को न्याय नहीं मिला तो हमारा समाज प्रदेश स्तर पर उग्र आंदोलन करने के लिए बाध्य होगा।
क्या है मामला
मध्यप्रदेश के गुना नानाखेड़ी पिपरौदा चौराहे पर कु संध्या साहू पिता श्री सचेन्द्र साहू उम्र लगभग 18 वर्ष के साथ मोहल्ले में रहने वाले अजय धाकड़ के द्वारा पिछले डेढ़ वर्ष से छेड़छाड़ की घटना की जा रही थी। कई बार मौखिक रूप से समझाया गया और पुलिस थाने में दिनांक 12 मार्च 2021 व 11 अगस्त 2021 को रिपोर्ट की गई थी। जिसमें आरोपी अजय धाकड़ के खिलाफ प्रकरण क्रमांक 281/2021 दिनांक 12 मार्च 2021 को विभिन्न धाराओं 354, 354क-1-4, 354घ, 506 में प्रकरण दर्ज किया गया था जो न्यायालय में विचाराधीन है। उसके बाद भी आरोपी अजय धाकड़ के द्वारा पुनः जब कु संध्या साहू कोचिंग पढ़ने के लिए जा रही थी सरेआम 4 फरवरी 2022 को हाथ पकड़ा गया और कपड़े खींचकर सड़क किनारे ले जाने का प्रयास कर शारीरिक शोषण करने के उद्देश्य से पकड़कर खींचा गया। कु संध्या साहू ने जैसे तैसे अपने आपको आरोपी के चंगुल से बचकर, घर भागकर पहुंची और सारी घटना परिजनों को बताई। जिस पर परिजनों ने आरोपी को पुनः समझाया तो आरोपी गाली ग़्लोज कर विवाद करने लगा। विवाद में कु संध्या साहू ने अपनी आत्मरक्षा व आबरू को बचाने में आरोपी के साथ मारपीट व झूमाझटकी हो गई। संध्या साहु के मकान पर आरोपियों ने तोड़फोड़ की और गंदी गंदी गालियां दी और कहा कि पुलिस हमारा कुछ नहीं बिगाड़ सकती है। इस घटना की रिपोर्ट आरोपी अजय धाकड़ ने पुलिस थाने केन्ट में कर दी। पुलिस ने एकपक्षीय कार्यवाही करते हुए पुलिस थाना केन्ट ने कु संध्या साहू व समस्त 10 परिजनों जिसमें एक 15 वर्षीय नाबालिक पर भी धारा 452, 342, 323, 294, 324, 147, 148 असत्य रिपोर्ट पर प्रकरण दर्ज कर लिया तथा झूठा मेडिकल बनवाकर बाद में राजनीतिक दवाब के चलते धारा 326 एवं 307 को बढ़ा दिया गया और सभी को गिरफ्तार कर जेल की सलाखों के पीछे भेज दिया गया है। पुलिस ने संध्या साहू की रिपोर्ट नहीं लिखी। कु संध्या साहु जेल से ही परीक्षा देने के लिए स्कूल जा रही है। हमारी मांग है कि आरोपी का पुनः मेडिकल करवाया जावे जिससे सही स्थिति का पता चलेगा। राजनीतिक दवाब में बढ़ाई गई धारा 307 को हटाया जावे। जिससे निर्दोष लोगों को न्याय मिल सकेगा। आरोपी आपराधिक प्रवृत्ति का है। राजनीतिक, रसूखदार, प्रभावशाली व्यक्ति होने के कारण असत्य घटना षड्यंत्र रचकर बनाई गई हैं और झूठा प्रकरण दर्ज करवाया गया है। प्रदेश का समस्त साहू समाज घटना की उच्च स्तरीय निष्पक्ष जांच की मांग करते हैं। जिससे हमारे समाज की बेटी को न्याय मिल सके।
हमारे समाज की बेटी ने अपनी आत्मरक्षा व आबरू बचाने के लिए संघर्ष किया है और फरियादी होते हुए उसे व उसके परिजनों को पुलिस ने आरोपी बना दिया है। इज्जत, आबरू बचाना पुलिस की नजर में अपराध बन गया है। ऐसी स्थिति में ही बेटियां आत्महत्या कर लेती हैं। समस्त घटना को संध्या साहू के परिजनों ने साहू समाज के प्रदेश संगठन को बताई है।
हमारी मांग है कि-
1- कु संध्या साहु के साथ आरोपी अजय धाकड़ विगत एक वर्ष से छेड़छाड़ कर रहा था तो रिपोर्ट करने पर पुलिस ने समय रहते कोई कार्यवाही क्यो नहीं की? जांच कर दोषी पुलिसकर्मियों पर कार्यवाही की जावे।
2- आरोपी का मेडिकल पुनः करवाया जावे जिससे सही स्थिति का पता चल सके। राजनीतिक रसूखदार होने के कारण झूठा मेडिकल बनवाकर बाद में धारा 307 बढ़ाई गई हैं। कु संध्या साहु के साथ हुई बर्बरता, अन्याय की उच्च स्तरीय निष्पक्ष जांच कर, कु संध्या साहु व उसके परिजनों पर दर्ज असत्य प्रकरण को वापस लिया जावे।
3- आरोपी अजयई धाकड़ के खिलाफ नियमानुसार पॉस्को एक्ट एवं विभिन्न धाराओं में कार्यवाही की जावे।
उक्त जानकारी राकेश साहू प्रदेश संगठन सचिव मप्र तैलिक साहू सभा भोपाल द्वारा दी गई।
