मुबारक अली, ब्यूरो चीफ, शाहजहांपुर (यूपी), NIT:

शाहजहांपुर जिला के कस्बा तिलहर में मुख़्तारे दो आलम सोशल वेलफेयर सोसाइटी की जानिब से ग्लोब पब्लिक स्कूल, मोहल्ला चौहटियां बाजार में पत्रकार सम्मान समारोह एवं भव्य मुशायरे का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में शायरों के उम्दा कलाम ने श्रोताओं को भावविभोर कर दिया।
मुशायरे में वरिष्ठ अधिवक्ता व शायरा गुलिस्तां खान ने अपना चर्चित शेर पढ़ते हुए कहा:-
“दो साए कड़ी धूप में इक जन हुए हैं,
इस बात से कुछ लोग परेशान हुए हैं।”
उनके इस कलाम को श्रोताओं ने खूब सराहा।
शायर असगर यासिर ने कहा:-
“उठा रहा है कि नीचे गिरा रहा है मुझे,
वह अपने कद के बराबर बता रहा है मुझे।”
हमीद खिज़र ने पढ़ा—
“तुम्हारी ज़िंदगी से है हमारी ज़िंदगी हमदम,
तुम्हारी आंख होगी नम तो कैसे नींद आएगी।”
मनोज प्रबल ने कहा:-
“सोया पड़ा था नींद में दुनिया से बेख़बर,
आकर किसी ने ख़्वाब में मुझको जगा दिया।”
जर्रार तिलहरी ने अपने शेर में कहा:-
“जंगल में जब कोई ख़तरा होता है,
सारे पंछी शोर मचाने लगते हैं।”
रईस तिलहरी ने कहा:-
“गरीबी में बसर करना गवारा जब नहीं तुमको,
हम अपना रास्ता देखें, तुम अपना रास्ता देखो।”
वहीं अजय अवस्थी ने पढ़ा:-
“गली चलते बुजुर्गों से वो दिन भर बंदगी करना,
दुआ में उठते हाथों को चलो फिर ढूंढ लाते हैं।”
कार्यक्रम के दौरान सोसाइटी के संस्थापक उवैस खान शिफा ने वरिष्ठ पत्रकारों मनोज प्रबल गुप्ता, वीनू सिंह, इमरान सागर, अजय अवस्थी, कुलदेव मिश्रा, राजा राम गुप्ता, मोहम्मद एजाज़, अनुज यादव, कामरान अंसारी, मिर्ज़ा फिरोज बेग, अर्शियान खान, राशिद हुसैन राही, अजहर अली और फैसल फैज़ को सम्मानित किया।
इस अवसर पर वरिष्ठ पत्रकार मनोज प्रबल और मिर्ज़ा फिरोज बेग ने कहा कि इस तरह के आयोजन न केवल साहित्य को बढ़ावा देते हैं, बल्कि समाज को जोड़ने का भी कार्य करते हैं। मुख़्तारे दो आलम सोशल वेलफेयर सोसाइटी समाज और साहित्य दोनों के क्षेत्र में सराहनीय कार्य कर रही है। पत्रकार समाज हर समय संस्था के साथ सहयोग के लिए तत्पर रहेगा।
कार्यक्रम एवं मुशायरे का सफल संचालन मास्टर शाहिद अली ने किया, जबकि अध्यक्षता शायर जर्रार तिलहरी ने की।
