नरेन्द्र कुमार, ब्यूरो चीफ़, जलगांव (महाराष्ट्र), NIT:

महाराष्ट्र सरकार ने एक अनोखी योजना शुरू की है जिसमें दोनो पक्षों को कोर्ट में जाने की जरूरत नहीं पड़ेगी। जलगांव जिले के जामनेर ब्लॉक के पहुर के खेत जमीन विवाद को राजस्व विभाग ने सलोखा योजना के दायरे में निपटाया है। विजय पांढरे , अभय पांढरे , गणेश पांढरे , सुमन पांढरे , सूर्यकांत देशमुख का भूमि से जुड़ा 25 साल से विवाद चल रहा था। सलोखा योजना से प्राप्त आवेदन के बाद पटवारी ने विवाद की जांच की। तहसीलदार नानासाहब आगले ने जमीन पंजीकरण अधिकारी से आधिकारिक दस्तावेज़ उपलब्ध किए।

गट नं 23 और 19 के कब्जे को लेकर अदलाबदली पर पेंच फंसा था। सलोखा के तहत दस्तावेजों को दोनों पक्षों की आम सहमति से पुनः पंजीकरण करवाकर संपत्ति सही हकदारों को सौंपी गई। 3 जनवरी 2023 और 7 अप्रैल 2025 के सरकारी आदेशों से बनी सलोखा योजना में संपत्ति का मिल्कियत विवाद , संपत्ति सीमा विवाद , पंजीकरण मे की गई विसंगतियों को दूर करना , अतिक्रमण , पुश्तैनी संपत्ति के बंटवारे के मसलो को सुलझाया जाता है।
ज्ञात हो कि हिंदू उत्तराधिकार कानून ने लड़को के साथ साथ लड़कियो को पैतृक संपत्ति मे बराबर का हक दिया है। 99% केसेस मे यह देखा गया है कि अपनी धन लालसा को पूरा करने के लिए ससुराल की ओर से बहु और पति की ओर से पत्नी पर दबाव बनाया जाता है कि वह अपने माता पिता की संपत्ति में हक हासिल करे। निचली अदालतों में इस आशय के हजारो मुकदमे बरसो से चल रहे है। सरकार की सलोखा योजना मिडल क्लास और गरीबों के लिए उम्मीद का वो किरण है जिससे उनकी पसीने से कमाई संपत्ति की गरिमा और पारिवारिक सदभाव बना रहेगा।
मेधावियों का मंथन : मंथन वेलफेयर फाउंडेशन ने फरवरी 2025 मे कक्षा एक से आठ तक के 85 छात्रों के लिए प्रतिभागी स्तर पर एक परीक्षा आयोजित करी। सभी बच्चों का मंथन ने सम्मान किया , पंडित दीनदयाल उपाध्याय शिक्षा संस्था के एकलव्य स्कूल मे शिवाजी सोनार की अध्यक्षता में मेधावियो को सम्मानित किया गया। संजय पाटिल, अभय बोहरा , संतोष ठाकुर , मंथन के ब्लॉक प्रमुख गिरीश नेमाड़े मौजूद रहे।

