मुबारक अली, ब्यूरो चीफ, शाहजहांपुर (यूपी), NIT:

शाहजहांपुर कलेक्ट्रेट सभागार में जिलाधिकारी धर्मेंद्र प्रताप सिंह की अध्यक्षता में जिला स्तरीय परामर्शदात्री समिति (DCC) एवं जिला स्तरीय ऋण समीक्षा समिति (DLRC) की बैठक संपन्न हुई, जिसमें वित्तीय वर्ष 2024-25 की वार्षिक ऋण योजना की मार्च माह तक की प्रगति की समीक्षा की गई। बैठक में बताया गया कि योजना की समग्र प्रगति 88 प्रतिशत रही, जिसमें कुल ₹7775 करोड़ का ऋण वितरण किया गया, जिस पर जिलाधिकारी ने संतोष व्यक्त किया। उन्होंने विशेष रूप से उद्योग एवं शिक्षा क्षेत्र से संबंधित ऋण की प्रगति में अपेक्षित सुधार लाने के लिए सभी बैंकों को निर्देशित किया।
सीडी रेशियों की समीक्षा करते हुए जिलाधिकारी ने बताया कि जिले का वर्तमान सीडी रेशियों 80.07 प्रतिशत है। जिन बैंकों का सीडी रेशियों अपेक्षाकृत कम पाया गया, उनमें इंडियन बैंक, यूनियन बैंक तथा उत्कर्ष स्माल फाइनेंस बैंक को निर्देश दिए गए कि वे अपने ऋण वितरण में वृद्धि करें, ताकि जिले की समग्र आर्थिक प्रगति को सशक्त बनाया जा सके।
शासकीय योजनाओं की समीक्षा करते हुए जिलाधिकारी ने मुख्यमंत्री युवा स्वरोजगार योजना तथा ‘एक जनपद एक उत्पाद’ योजना की प्रगति पर संतोष व्यक्त किया। साथ ही उन्होंने एनआरएलएम एवं मुख्यमंत्री युवा उद्यमी अभियान के अंतर्गत लक्ष्यानुसार अधिक से अधिक ऋण वितरण कर योजनाओं की पूर्णता सुनिश्चित करने का निर्देश दिया।
वित्तीय समावेशन के अंतर्गत उन्होंने सभी बैंकों को रूपे एटीएम कार्ड अधिक से अधिक संख्या में सक्रिय करने एवं आधार सीडिंग कार्य को प्राथमिकता के आधार पर पूर्ण करने के निर्देश भी दिए। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि शासकीय योजनाओं के अंतर्गत ऋण वितरण में प्राथमिकता सुनिश्चित की जाए और प्रधानमंत्री जन धन योजना में अधिक से अधिक खाते खोले जाएं।
उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि स्वीकृत ऋणों के वितरण में अनावश्यक विलंब नहीं होना चाहिए। भारतीय रिजर्व बैंक से आए लीड डिस्ट्रिक्ट ऑफिसर समसुद्दीन ने बैठक को संबोधित करते हुए बैंक-विहीन सभी राजस्व ग्रामों में नि:शुल्क बैंकिंग सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए बीसी सेंटर स्थापित करने के निर्देश दिए।
उन्होंने यह भी कहा कि सभी बैंकों में कटे-फटे नोटों को बदलने एवं सिक्कों के लेन-देन के लिए समर्पित काउंटर खोले जाएं तथा उपयुक्त स्थानों पर नोटिस बोर्ड लगाए जाएं।
ग्राहकों की सुविधा के लिए सभी बैंक शाखाओं में शुद्ध पेयजल, शौचालय तथा अन्य आवश्यक बुनियादी सुविधाएं सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए।
इस अवसर पर मुख्य विकास अधिकारी डॉ. अपराजिता सिंह, लीड डिस्ट्रिक्ट ऑफिसर (आरबीआई) समसुद्दीन, डीडीएम नाबार्ड परवेश कुमार गंगवार, जिला कृषि अधिकारी विकास किशोर, अग्रणी जिला प्रबंधक आर.आर. तिवारी, सहायक अग्रणी प्रबंधक आशीष विश्वकर्मा, सहायक तवस्सुम नवाज़ सहित समस्त विभागीय अधिकारी एवं बैंकों के जिला समन्वयकगण बैठक में मौजूद रहे।
