नरेन्द्र कुमार इंगले, ब्यूरो चीफ, जलगांव (महाराष्ट्र), NIT:

महाराष्ट्र के जलगांव जिले के यावल ब्लॉक के किनगांव में दशहरे के दिन राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के रूट मार्च को लेकर विवाद सामने आया। जानकारी के अनुसार, पुलिस ने दशहरे के अवसर पर RSS को रूट मार्च की अनुमति दी थी। जिस मार्ग से मार्च निकाला जाना था, वहां स्थित एक प्रार्थना स्थल का हवाला देते हुए स्थानीय लोगों ने इसका विरोध किया।
विरोध के दौरान पुलिस ने आपत्ति जताने वाले लोगों से बातचीत कर स्थिति को शांत करने का प्रयास किया। इसी बीच कुछ अज्ञात उपद्रवी तत्वों द्वारा पथराव किए जाने की सूचना है। हालात को नियंत्रित करने के लिए पुलिस को हल्का लाठीचार्ज करना पड़ा।
जिला पुलिस अधीक्षक श्रीकांत ढीवरे ने मीडिया को बताया कि क्षेत्र में पुलिस बल तैनात कर दिया गया है। मामले में संबंधित लोगों की पहचान और सत्यापन के बाद आपराधिक गतिविधियों में संलिप्त पाए जाने वालों के खिलाफ मामला दर्ज कर उन्हें हिरासत में लिया जाएगा।
इस घटना के बाद समाज के विवेकशील नागरिकों के बीच रूट मार्च को लेकर चर्चा शुरू हो गई है। सवाल उठ रहे हैं कि पुलिस और विभिन्न संगठनों के रूट मार्च को लेकर समाज में बन रही धारणाएं आखिर किस दिशा में जा रही हैं और ऐसी घटनाओं का सामाजिक सौहार्द पर क्या प्रभाव पड़ेगा।

