मुबारक अली, ब्यूरो चीफ, शाहजहांपुर (यूपी), NIT:

उत्तर प्रदेश सरकार के वित्त मंत्री सुरेश कुमार खन्ना ने कहा कि विद्यार्थियों को भारतीय संस्कृति और नैतिक मूल्यों से जुड़े रहकर अपने भविष्य का निर्माण करना चाहिए। भारतीय मूल्यों को अपनाकर ही देश और समाज प्रगति के शिखर तक पहुंच सकते हैं। विद्यार्थियों को अपने चरित्र का निर्माण स्वयं करना होगा और जीवन में समय का सदुपयोग करना सीखना होगा।
वित्त मंत्री गुरुवार को स्वामी शुकदेवानंद विश्वविद्यालय में आयोजित सत्रारंभ कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने विद्यार्थियों को सफलता का मंत्र देते हुए कहा कि उन्हें अपने भविष्य की योजना बनाकर चलना चाहिए और प्रतिदिन कुछ समय चिंतन-मनन के लिए भी निकालना चाहिए। मन में गलत विचार आने पर उन्हें तुरंत दूर करने का प्रयास करना चाहिए। उन्होंने अहंकार को मनुष्य का सबसे बड़ा और नुकसान पहुंचाने वाला दुर्गुण बताया।
उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों को अपना जीवन भाग्य के भरोसे नहीं छोड़ना चाहिए। जीवन एक कोरे कागज की तरह है, जिस पर सुंदर चित्र उकेरना स्वयं व्यक्ति की जिम्मेदारी है। गीता के दर्शन का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि समाज श्रेष्ठ व्यक्तियों के आचरण का अनुसरण करता है। ऐसे में विद्यार्थियों को अपने व्यवहार और चरित्र को बेहतर बनाने पर ध्यान देना चाहिए। शिक्षकों की भूमिका पर प्रकाश डालते हुए उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों के व्यक्तित्व निर्माण और उन्हें एक अच्छा इंसान बनाने में शिक्षकों की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी होती है।
कार्यक्रम में महामंडलेश्वर स्वामी हरिहरानंद सरस्वती ने आशीर्वचन देते हुए कहा कि स्वामी चिन्मयानंद सरस्वती के समर्पण और प्रयासों से यह संस्था आज विश्वविद्यालय के रूप में विकसित हुई है। उन्होंने सभी से मिलकर प्रयास करने का आह्वान किया, ताकि भविष्य में विश्वविद्यालय उत्तर प्रदेश के अग्रणी विश्वविद्यालयों में शामिल हो सके।
विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर पुष्पेंद्र बहादुर सिंह ने स्वागत भाषण में कहा कि सत्रारंभ कार्यक्रम विश्वविद्यालय की विकास यात्रा का एक नया अध्याय है। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय का उद्देश्य केवल ज्ञान प्रदान करना ही नहीं, बल्कि समाज की समस्याओं के समाधान में भी योगदान देना होना चाहिए। इसके साथ ही उन्होंने विद्यार्थियों में उद्यमिता और नवाचार को प्रोत्साहित करने पर जोर दिया।
कार्यक्रम के दौरान पिछले सत्र के मेधावी छात्र-छात्राओं को सम्मानित किया गया। मुख्य अतिथि वित्त मंत्री सुरेश कुमार खन्ना को डॉ. एके मिश्रा ने अंगवस्त्र भेंट किया, जबकि महामंडलेश्वर स्वामी हरिहरानंद सरस्वती ने उन्हें स्मृति चिह्न प्रदान किया। कुलपति प्रो. पुष्पेंद्र बहादुर सिंह और डॉ. अमीर सिंह यादव ने अभिनंदन पत्र देकर उनका सम्मान किया। विश्वविद्यालय के अधिकारियों और अन्य अतिथियों ने भी पुष्पगुच्छ भेंट कर उनका स्वागत किया।
महामंडलेश्वर स्वामी हरिहरानंद सरस्वती का भी विश्वविद्यालय के शिक्षकों ने पुष्पगुच्छ भेंट कर स्वागत किया। कार्यक्रम का संचालन वरिष्ठ प्रोफेसर डॉ. अनुराग अग्रवाल ने किया, जबकि धन्यवाद ज्ञापन कार्य परिषद के सदस्य डॉ. एके मिश्रा ने किया। डॉ. कविता भटनागर ने सरस्वती वंदना प्रस्तुत की। कार्यक्रम का समापन राष्ट्रगान के साथ हुआ।
इस अवसर पर विश्वविद्यालय के कुलसचिव वीरेंद्र कुमार मौर्य, वित्त अधिकारी अर्चना त्रिपाठी, विशिष्ट अतिथि सुरेश सिंघल, प्रो. आरके आजाद सहित विभिन्न विभागों के शिक्षक, अधिकारी और बड़ी संख्या में विद्यार्थी उपस्थित रहे।

