देवरी ब्लॉक में झोलाछाप डॉक्टरों पर बुधवार से कार्रवाई के संकेत, BMO पूजा परमार ने दिया जांच का आश्वासन | New India Times

त्रिवेंद्र जाट, देवरी/सागर (मप्र), NIT:

देवरी ब्लॉक में झोलाछाप डॉक्टरों पर बुधवार से कार्रवाई के संकेत, BMO पूजा परमार ने दिया जांच का आश्वासन | New India Times

देवरी ब्लॉक में कथित झोलाछाप डॉक्टरों के खिलाफ स्वास्थ्य विभाग ने कार्रवाई की तैयारी शुरू कर दी है। ब्लॉक मेडिकल ऑफिसर (BMO) डॉ. पूजा परमार ने पत्रकारों को आश्वासन दिया है कि बुधवार से ऐसे डॉक्टरों और अस्पतालों की जांच कर कार्रवाई की जाएगी, जो बिना मान्य चिकित्सकीय डिग्री और आवश्यक वैधानिक अनुमति के इलाज कर रहे हैं। विभाग ने नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर संबंधित अस्पतालों को बंद कराने और कानूनी कार्रवाई करने के संकेत दिए हैं।

गौरझामर, सिंगपुर गंजन, कोपरा और अनंतपुरा सहित देवरी ब्लॉक के विभिन्न ग्रामीण क्षेत्रों में कथित रूप से बिना आवश्यक चिकित्सकीय योग्यता के मरीजों का इलाज किए जाने के मामले सामने आए हैं। इस संबंध में स्थानीय स्तर पर लगातार सवाल उठाए जा रहे हैं और समाचार पत्रों में भी खबरें प्रकाशित हो रही हैं। आरोप है कि कुछ लोग विभिन्न बीमारियों का इलाज करने का दावा कर रहे हैं, जिससे ग्रामीण मरीजों की सुरक्षा और स्वास्थ्य को लेकर चिंता बढ़ गई है।
गौरझामर में टी.के. विश्वास और अश्वनी मजूमदार के नाम से संचालित बताए जा रहे अस्पतालों की चिकित्सकीय योग्यता और संचालन की वैधता को लेकर भी सवाल उठे हैं। समाचारों में संबंधित लोगों के खिलाफ आरोप प्रकाशित हुए हैं। कथित तौर पर संबंधित संचालकों की ओर से यह दावा भी किया गया था कि उनके अस्पताल BMO के आदेश पर संचालित हो रहे हैं। हालांकि, इस दावे की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।

मामले को गंभीरता से लेते हुए BMO डॉ. पूजा परमार ने गौरझामर के दोनों कथित चिकित्सकों के अलावा सिंगपुर गंजन में अरविन्द विश्वास और रितेश विश्वास सहित कोपरा तथा अनंतपुरा में संचालित बताए जा रहे अस्पतालों की जांच कर कार्रवाई करने का आश्वासन दिया है।
बिना आवश्यक चिकित्सकीय योग्यता और वैधानिक अनुमति के अस्पताल चलाने वालों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। जांच के दौरान अनियमितताएं पाए जाने पर संबंधित संस्थानों को बंद कराने सहित कानूनी कदम उठाए जा सकते हैं। हालांकि, वास्तविक कार्रवाई जांच में सामने आने वाले तथ्यों और संबंधित नियमों के आधार पर ही होगी।
स्वास्थ्य विभाग के इस आश्वासन के बाद अब बुधवार को होने वाली कार्रवाई पर सभी की नजरें टिकी हैं। देखना होगा कि विभाग कितने अस्पतालों की जांच करता है और कथित अनियमितताएं सामने आने पर क्या कदम उठाए जाते हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में लोगों को सुरक्षित, योग्य और वैध चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराना स्वास्थ्य विभाग की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है।

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