साबिर खान, वसई-विरार/मुंबई (महाराष्ट्र), NIT:

नवरात्रि और दिवाली के दौरान उपयोग के लिए सोने के आभूषण पॉलिश कराने ले जा रही 55 वर्षीय संगीता संतोष सपकाळ की ऑटो रिक्शा में छूटी पर्स चोरी हो गई थी। पर्स में करीब 43 लाख 93 हजार रुपये मूल्य के सोने के आभूषण रखे हुए थे। अचोले पुलिस थाने की अपराध प्रकटीकरण शाखा ने तत्परता दिखाते हुए करीब तीन घंटे की सघन जांच के बाद पर्स और उसमें रखे सभी आभूषण बरामद कर महिला को सुरक्षित लौटा दिए।
पुलिस के अनुसार, 17 अक्टूबर 2026 को दोपहर करीब 12:30 बजे संगीता सपकाळ, निवासी लक्ष्मण नगर हाउसिंग सोसायटी, गालानगर, नालासोपारा पूर्व, सोने के आभूषण पॉलिश कराने के लिए घर से निकली थीं। गालानगर से नालासोपारा रेलवे स्टेशन तक ऑटो रिक्शा से यात्रा करते समय उनकी गोद में रखी पर्स अनजाने में रिक्शा में ही छूट गई। पर्स में सोने के हार, चेन, मंगलसूत्र, अंगूठियां, कानों के आभूषण, नथ और अन्य गहने रखे हुए थे।
रेलवे स्टेशन पहुंचने पर पर्स गायब होने का पता चलते ही महिला ने तत्काल पुलिस थाने पहुंचकर घटना की जानकारी दी। उनकी शिकायत के आधार पर अचोले पुलिस थाने में मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई। वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक के निर्देश पर अपराध प्रकटीकरण शाखा के अधिकारियों और कर्मचारियों ने घटनास्थल तथा गालानगर रिक्शा स्टैंड से नालासोपारा रेलवे स्टेशन तक के मार्ग की बारीकी से जांच की।
पुलिस के सामने घनी आबादी और भीड़भाड़ वाले क्षेत्र के कारण जांच में चुनौतियां थीं। इसके बावजूद पुलिस टीम ने तकनीकी और स्थानीय स्तर पर जांच करते हुए करीब तीन घंटे के अथक प्रयासों के बाद चोरी हुए आभूषणों से भरी पर्स बरामद कर ली। पर्स में रखे कुल 43 लाख 93 हजार रुपये मूल्य के सोने के आभूषण और नकदी महिला को वापस सौंप दी गई।
अपने कीमती आभूषण सुरक्षित वापस मिलने पर संगीता सपकाळ ने राहत व्यक्त करते हुए अचोले पुलिस की कार्यप्रणाली की सराहना की।
यह कार्रवाई पुलिस उपायुक्त अशोक विरकर, परिमंडल-2, वसई तथा सहायक पुलिस आयुक्त नितीन गिते के मार्गदर्शन में वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक सुजितकुमार पवार और अपराध प्रकटीकरण शाखा के अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने की। पुलिस टीम में माणिक पाटील सहित अन्य पुलिसकर्मियों ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

