नरेन्द्र कुमार, ब्यूरो चीफ़, जलगांव (महाराष्ट्र), NIT:

महाराष्ट्र के जलगांव जिले के जामनेर ब्लॉक में एक सड़क हादसे में एक परिवार के छह सदस्यों की मौत हो गई है। मृतकों में शामिल तीन बच्चे जिसमें सबसे छोटा आठ महीने का शिशु है। NH 753 F के वर्ज़न NH 753 L पहुर बुरहानपुर सीमेंट हाईवे पर मालदाभाडी गांव के तीन रास्ते के सामने घटी इस दुर्घटना मे एक बाइक के उपर सवार सभी छह लोग ट्रक की चपेट में आ कर मारे गए है। रामा सुरसिंह भीलाले (26) , शिमला रामा भीलाले (22) , चम्पालाल रेवन सिंह (28) , पुजा रामा भिलाले (05) , श्रवण रामा भीलाले (03) , भारती रामा भीलाले (03 महीने) ये सभी एक मोटर साइकिल पर बैठकर मध्य प्रदेश से महाराष्ट्र यात्रा कर रहे थे।
CCTV फुटेज में नज़र आ रहा है कि बाइक सामने से आ रही तेज़ ट्रक में घुस गई है। बाइकर आगे चल रहे किसी धीमें वाहन को ओवर टेक कर रहा था अथवा नहीं इसकी पुष्टि नहीं हो सकी है। मृतक आदिवासी समुदाय से है इस बिरादरी के हज़ारों गरीब बंधुआ खेती मज़दूर बनकर महाराष्ट्र में रोजी रोटी कमाते हैं , निर्माणाधीन सड़कों के लिए सस्ती दिहाड़ी पर पत्थर तोड़ते हैं। घटना के बाद गोदी मीडिया ने AI की मदद से घटना को समझाने के लिए ट्रायल की सारी सीमाए पार कर दी। हाईवे पर पड़ने वाले गांवो की ओर जाने वाले रास्तो को हाईवे से जोड़ते T – Points के 100 मीटर पहले कही कोई स्पीड ब्रेकर नहीं है।
प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना में बनी नई सड़के बिना ब्रेकर के हाईवे से जोड़ी गई है। स्पीड ब्रेकर होता तो आज ये सभी छह जाने बच सकती थी। स्पीड ब्रेकर को लेकर PWD और सरकार सुप्रीम कोर्ट के निर्देश का हवाला दे कर इस लिए बच नहीं सकते क्योंकि निचली कोर्ट्स ने अपने कई फैसलो में यह भी कहा है कि सड़क सुरक्षा के अंतर्गत हाइवेज पर आम सहमती से सामान्य ब्रेकर्स लगाए जा सकते हैं। जनता सवाल पूछ रही है कि सीमेंट की सड़कों को देश का विकास बताने वाले 56% कमीशनखोर नेता इन्हीं सड़कों पर जा रही गरीबों की जानों की ज़िम्मेदारी लेंगे ?

