मो. मुजम्मिल, जुन्नारदेव/छिंदवाड़ा (मप्र), NIT:
एक तरफ सरकार हर घर नल से जल पहुंचाने के बड़े-बड़े दावे कर रही है, वहीं दूसरी ओर जमीनी हकीकत इन दावों की पोल खोलती नजर आ रही है। जुन्नारदेव जनपद के अंतर्गत ग्राम पंचायत कोल्हिया में पानी के लिए हाहाकार मचा हुआ है। वार्ड क्रमांक 12 सहित आसपास के वार्डों के लोग पिछले 20 से 25 दिनों से गंभीर जलसंकट से जूझ रहे हैं।
पंचायत की लापरवाही से ग्रामीण परेशान
स्थानीय रहवासी पवन साहू और राजू वर्मा ने बताया कि इन दिनों वार्ड के नलों में पानी की एक बूंद तक नहीं आई है। स्थिति इतनी गंभीर हो चुकी है कि ग्रामीण महिलाओं और बच्चों को पीने के पानी के लिए दूर-दूर तक भटकना पड़ रहा है। मजबूरन ग्रामीणों को कुओं और हैंडपंपों से पानी ढोकर अपनी जरूरतें पूरी करनी पड़ रही हैं।
शुल्क देने के बाद भी नहीं मिल रहा पानी
सबसे बड़ा सवाल यह उठ रहा है कि जब ग्रामीण पंचायत के नियमों के अनुसार नल कनेक्शन का नियमित शुल्क अदा कर रहे हैं, तो उन्हें पानी क्यों नहीं मिल रहा है? ग्रामीणों का कहना है कि महीने में बमुश्किल दो बार ही नलों में पानी की आपूर्ति की जाती है, जिससे उनकी दैनिक जरूरतें पूरी नहीं हो पा रही हैं।
पानी खरीदने को मजबूर ग्रामीण
नलों में पानी नहीं आने के कारण ग्रामीणों को आर्थिक परेशानियों का भी सामना करना पड़ रहा है। पवन साहू ने बताया कि पेयजल संकट से निपटने के लिए ग्रामीणों को अपनी जेब से पैसे खर्च कर टैंकरों के माध्यम से पानी खरीदना पड़ रहा है। इससे उन पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ रहा है।
शासन-प्रशासन से जल्द समाधान की मांग
ग्राम कोल्हिया के परेशान ग्रामीणों ने शासन और स्थानीय प्रशासन से इस गंभीर समस्या का तत्काल संज्ञान लेकर जल्द समाधान करने की मांग की है, ताकि ग्रामीणों को पेयजल संकट से राहत मिल सके और उन्हें पानी के लिए भटकना न पड़े।

