गणेश मौर्या, ब्यूरो चीफ, अंबेडकर नगर (यूपी), NIT:
उत्तर प्रदेश लेखपाल संघ की तहसील आलापुर उपशाखा ने अपनी विभिन्न पुरानी एवं लंबित मांगों को लेकर चरणबद्ध आंदोलन का ऐलान किया है। संघ ने शनिवार, 3 अक्टूबर को तहसील दिवस के बहिष्कार और धरना-प्रदर्शन के साथ आंदोलन की शुरुआत की।
संघ के अनुसार, पिछले 10 वर्षों से प्रारंभिक वेतनमान में 2800 ग्रेड पे लागू करने, आठ वर्षों से अंतरमंडलीय स्थानांतरण नहीं होने, दो वर्षों से लंबित पदोन्नति सूची जारी करने तथा पदों में वृद्धि जैसी प्रमुख मांगें लंबित हैं। इसके अलावा, पिछले पांच वर्षों से लैपटॉप एवं मोबाइल उपलब्ध न कराए जाने, तकनीकी पद घोषित न किए जाने, ग्राम सचिवालयों में बुनियादी सुविधाओं एवं सुरक्षा की कमी, भत्ते में वृद्धि तथा स्थायीकरण की मांग को लेकर लेखपालों में रोष है।
आंदोलन की रूपरेखा
- 3 अक्टूबर: तहसील दिवस का बहिष्कार एवं धरना-प्रदर्शन।
- 8 अक्टूबर: समस्त ऑनलाइन कार्यों का पूर्ण बहिष्कार।
- 10 अक्टूबर: थाना दिवस पर काली पट्टी बांधकर कार्य।
- 12 अक्टूबर: तहसील एवं जिला मुख्यालय पर रक्तदान शिविर।
- 14 अक्टूबर: विशाल मोटरसाइकिल रैली का आयोजन।
- 17 से 23 अक्टूबर: तहसील मुख्यालय पर धरना-प्रदर्शन।
- 24 अक्टूबर से: जिला मुख्यालय पर अनिश्चितकालीन धरना-प्रदर्शन।
आंदोलन की अगुवाई संघ के तहसील अध्यक्ष विपिन त्रिपाठी कर रहे हैं। इस दौरान धीरेंद्र कुमार, दयाशंकर, तारकेश्वर, संतोष प्रजापति, अभिषेक यादव, विकास गोस्वामी, रणजीत सिंह, मृत्युंजय सिंह, राम सजीवन वर्मा, शशिकांत वर्मा, आकांक्षा त्रिपाठी, शशि वर्मा, शिखा चौधरी, आकांक्षा उपाध्याय सहित बड़ी संख्या में लेखपाल मौजूद रहे।
संघ का कहना है कि जब तक उनकी मांगों का समाधान नहीं होता, तब तक आंदोलन चरणबद्ध तरीके से जारी रहेगा।

